खीरों। खीरों-दृगपालगंज मार्ग पर उदवतखेड़ा मजरे जेरी के पास निर्माणाधीन बसहा नाला पुल का बाईपास पानी में डूब गया है। इससे छोटे और भारी वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। दस गांवों का संपर्क टूट गया है। पानी भरा होने से पैदल आने-जाने वाले लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। आवागमन के लिए वाहन सवारों को पांच से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
असल में निर्माणाधीन पुल के पास बाईपास तो बनाया गया है लेकिन जल निकासी के लिए ह्यूम पाइप काफी ऊपर लगा दिया गया है। इस कारण बारिश के बाद पानी आसपास के खेतों में भर गया है। अब पानी बाईपास के ऊपर से बह रहा है। ऐसे में दृगपालगंज, जेरी, उदवतखेड़ा, रामपुर, मुस्तकीमगंज, तरवा बरवा, डुमटहर, लल्लाखेड़ा, अतरहर समेत कई गांवों का संपर्क टूट गया है। ब्लॉक मुख्यालय, तहसील लालगंज, जिला मुख्यालय, लखनऊ आने-जाने का रास्ता बाधित है। अब ग्रामीणों को पाहो-चड़ौली, गोहनामऊ-रनापुर होकर निकलना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
संक्रमण फैलने की आशंका
पड़ोसी जनपद उन्नाव की ओर से भी पानी आने के कारण नाले में बड़ी संख्या में मृत मछलियां बहकर आ रही हैं। ग्रामीण बिंदादीन, असफाक, बीरेंद्र, राजेंद्र ने बताया कि पानी दूषित होने के साथ काला और बदबूदार हो गया है। संक्रमण और दुर्गंध से भी जूझना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि बाईपास डूबने से किसान खेतों तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में वे अपने खेतों की रखवाली करने नहीं जा पा रहे हैं।
पानी कम होने पर ठीक कराया जाएगा
अचानक भारी बारिश से पानी अधिक हो गया, जिससे बाईपास डूब गया। मजदूरों के टेंट और निर्माण सामग्री भी पानी में डूब गई। निर्माण कार्य बंद हो गया। पानी कम होते ही बाईपास ठीक कराकर आवागमन बहाल कराया जाएगा।
गुल मोहम्मद, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी