एक व्यापारी के दोनों हाथ काटकर उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। सुबह जब व्यवसायी खून से लथपथ मिला तो इलाके में सनसनी फैल गई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया।
व्यवसायी के दोनों कटे हाथ बोरे में भरकर जब परिवारीजन एसपी दफ्तर पहुंचे तो हड़कंप मच गया। एसपी के न मिलने पर पीड़ित परिवार ने एएसपी से गुहार लगाई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के अजमत उल्लागंज निवासी संत मिलन उर्फ सिंटू (30) वैवाहिक कार्यक्रमों में लाइट लगवाने का काम करता है। शुक्रवार की शाम से संत मिलन घर से गायब हो गया था। खोजबीन के बाद भी संत मिलन का कोई पता नहीं चला। सुबह गंगागंज रेलवे स्टेशन के पश्चिमी केबिन के पास संत मिलन रेलवे ट्रैक के किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था।
उसके दोनों हाथ ट्रैक के किनारे कुछ दूरी पर पड़े मिले। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। पीड़ित पक्ष दोनों हाथ बोरे में भरकर एसपी कार्यालय पहुंचा। एसपी के न मिलने पर एएसपी शशिशेखर सिंह से मुलाकात करके मामले में कार्रवाई की मांग की।
घायल के पिता कमलेश कुमार समेत अन्य परिवारीजनों का आरोप है कि रंजिश के चलते कुछ लोगों ने संतमिलन का ये हाल किया है। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घायल के पिता कमलेश की तहरीर पर गांव की रहने वाली तारा देवी, सोनम, सोनू, मोनू, बिंदादीन और तीन व्यक्ति नाम पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।