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बसपा एससीएसटी प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने से रोका, कहासुनी

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लालगंज (रायबरेली) में पुलिस अभिरक्षा में हुई युवक की मौत के बाद बुधवार को उसके गांव जा रहे बसपाइयो? - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। लालगंज कोतवाली में पुलिस अभिरक्षा में दलित युवक की मौत के मामले में बुधवार को गांव जा रहे बसपा के एससीएसटी प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रतिनिधिमंडल में शामिल पदाधिकारियों के बीच कहासुनी हुई। दबाव बनाने पर पुलिस ने पूर्व मंत्री गया चरण दिनकर समेत 100 लोगों को हिरासत में लेकर गेस्ट हाउस में रखा और दोपहर बाद लखनऊ वापस भेज दिया।
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बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर पूर्व मंत्री गया चरण दिनकर की अध्यक्षता में गठित एससीएसटी प्रतिनिधि मंडल बुधवार को मृतक के गांव जा रहा था। इसकी खबर प्रशासन को लग गई। दोपहर करीब 12 बजे लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित दखिना टोल प्लाजा पर बछरावां और हरचंदपुर की पुलिस ने कड़ा पहरा लगा दिया गया और लखनऊ से आ रहे पूर्व मंत्री बसपा नेता गया चरण दिनकर, एमएलसी व लखनऊ मंडल के प्रभारी भीमराव अंबेडकर, बसपा नेत्री लाजवंती कुरील, बाल कुमार गौतम, रत्नेश चौधरी, शिवांशु राव सहित आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों में सवार बसपा नेताओं को रोक लिया।
उपजिलाधिकारी महराजगंज विनय मिश्रा ने बसपा नेताओं से वापस लौटने की अपील की तो नेता गांव जाने की जिद पर अड़ गए। कहासुनी करने पर आमादा हो गए। इस पर सब सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित लगभग 100 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बछरावां कस्बे के शिवगढ़ रोड स्थित सिंचाई विभाग के डाक बंगले में पहुंचा दिया। डाक बंगले में बसपा नेता गया चरण दिनकर ने कहा कि वह लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जा रहे थे। उन्हें जबरन रोक लिया गया। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही चाहिए और दलितों पर हो रहे अत्याचार तत्काल रुकने चाहिए।
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विधान परिषद सदस्य भीमराव अंबेडकर ने कहा कि वर्तमान सरकार में दलितों पर जुल्मों सितम बढ़ गया है। बसपा नेत्री लाजवंती कुरील ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र का गला घोटने का आरोप लगाया। दोपहर लगभग 2.30 बजे उपजिलाधिकारी विनय मिश्रा ने सभी नेताओं को समझा-बुझाकर वापस लखनऊ भेज दिया। एसडीएम ने बताया कि पूर्व मंत्री की अगुुवाई में बसपाइयों का प्रतिनिधिमंडल मृतक युवक के गांव जा रहा था। जानकारी होने पर बीच में ही प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया। हिरासत में लेने के बाद दोपहर बाद समझा-बुझाकर सभी को लखनऊ वापस कर दिया गया।
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