रायबरेली में बुधवार की शाम बीएसए कार्यालय का गेट बंदकर धरना में बैठे अभ्यर्थियों को समझाती पुलिस।
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बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, द्विवार्षिक उर्दू प्रवीणताधारी बीटीसी प्रशिक्षण व डीएड (विशेष शिक्षा), बीएलएड प्रशिक्षण व शिक्षक पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों ने बुधवार को नियुक्ति पत्र के लिए जमकर हंगामा किया। हाईकोर्ट से निुयक्ति पत्र देने पर रोक लगाए जाने के बाद भी अभ्यर्थी नहीं माने।
बीएसए दफ्तर में ताला जड़ दिया। धरना देकर नारेबाजी की। कार्यालय से बाहर निकलने वाले कर्मचारियों के साथ अभद्रता भी की। बाद में कोतवाली पुलिस के पहुंचने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत हुआ। जिले में 300 शिक्षकों की भर्ती बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही है।
27 जून को पूर्व माध्यमिक स्कूल चकअहदमपुर में काउंसलिंग हुई थी। काउंसलिंग में 165 महिला अभ्यर्थियों व दिव्यांगों की काउंसलिंग कराई गई थी। सचिव की ओर से नया प्रोफॉर्मा आने के बाद बुधवार को दोबारा स्कूल लॉक कराने के लिए काउंसलिंग हुई।
गत मंगलवार को हाईकोर्ट इलाहाबाद ने अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र देने से रोक लगा दी है। इसके बाद भी बुधवार को अभ्यर्थियों ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर नियुक्तिपत्र के लिए हंगामा करना शुरू कर दिया। पहले शांतिपूर्वक धरने पर बैठे, लेकिन बाद भी बीएसए कार्यालय में ताला जड़ दिया।
गेट पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों व अधिकारियों को दफ्तर से निकलने नहीं दिया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत हुआ। कार्यालय का ताला खोला गया।
बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि हाईकोर्ट इलाहाबाद ने आदेश दिया है कि अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जाएगा। जिन जिलों में नियुक्ति पत्र दिया गया है उन जिलों में अभ्यर्थियों को जॉइन न कराने के आदेश भी कोर्ट ने दिए हैं। इसी कारण नियुक्तिपत्र नहीं दिया गया है। कोर्ट के आदेश का अनुपालन किया जा रहा है।