प्रदेश सरकार ने जिले के 200 प्रशिक्षु शिक्षकों व सहायक अध्यापक को वेतन दे दिया, लेकिन 1200 से अधिक शिक्षकों को इसका इंतजार कराया जा रहा है।
जिले में 627 प्रशिक्षु शिक्षकों व 800 से अधिक शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया है। नियमानुसार सभी शिक्षकों को वेतन मिलना चाहिए, लेकिन विभाग के पास बजट नहीं हैं। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद भी प्रशिक्षु शिक्षकों व शिक्षामित्रों को वेतन नहीं मिल रहा है।
वेतन देने के संबंध में अभी तक शासन से कोई आदेश तक नहीं आया है। प्रशिक्षु शिक्षकों ने बीएसए दफ्तर के गेट पर एकत्र होकर अधिकारियों व सरकार को कोसा। बाद में प्रभारी बीएसए व लेखाधिकारी का घेराव करके उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई।
शिक्षकों ने कहा कि यह उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल्द ही आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान बीएसए कार्यालय में अफरातफरी का माहौल रहा। इस मौके पर गौरव त्रिपाठी, पंकज सैनी, जया सिंह, शैलेंद्र कुमार, सीमा सिंह, संतोष तिवारी, नवीन मिश्रा, अजय पांडेेय, दीपेश कुमार मौजूद रहे।