रायबरेली। आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में सुस्त बीएसए समेत 15 अधिकारियों को निलंबन की चेतावनी दी गई है। रविवार को डीएम हर्षिता माथुर ने समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों का वेतन भी रोक दिया। तीन दिन में प्रगति में सुधार न मिलने पर निलंबन की संस्तुति करने की चेतावनी दी है। उन्होंने लालगंज ब्लॉक के पंचायत सचिव को निलंबित करने के साथ ही दो चकबंदी अधिकारियों को चेतावनी दी है।
डीएम ने समीक्षा में पाया कि अधिकारी बिना शिकायतकर्ता से संपर्क एवं स्थलीय निरीक्षण किए संदर्भों का अपूर्ण निस्तारण कर रहे हैं। विवरण आईजीआरएस पोर्टल पर अवश्य फीड किए जाने के शासन स्तर से आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। लापरवाही के कारण जिले की रैंकिंग सबसे खराब हो गई है।
समीक्षा के दौरान डीएम ने खराब प्रगति पर अधिशासी अभियंता सिंचाई व जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बीडीओ सतांव और महराजगंज, सीडीपीओ छतोह, डीह व जगतपुर, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत ऊंचाहार व नसीराबाद, सीओ चकबंदी, एडीओ पंचायत हरचंदपुर व बछरावां का वेतन रोक दिया।
डीएम ने इन अधिकारियों को तीन दिन में जवाब देने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर निलंबन की संस्तुति की चेतावनी दी है। चकबंदी अधिकारी सदर और हरचंदपुर को चेतावनी पत्र जारी किया है। समीक्षा में पाया कि पॉवर कॉर्पाेरेशन, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। डीएम ने लालगंज ब्लाॅक के पंचायत सचिव फूलचंद्र को उदासीनता बरतने पर निलंबित करने के आदेश दिए हैं।