रायबरेली। पांच दिन पहले हुई युवक की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझ गई है। छींटाकशी से आजिज बहन ने ही बड़े भाई की हत्या कराई थी। प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर युवक को पहले शराब पिलाई थी और फिर गला कसकर मार दिया था। इसके बाद शव तालाब में फेंक दिया था। नसीराबाद पुलिस और एसओजी टीम ने सोमवार को बहन, उसके प्रेमी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि नसीराबाद थाना क्षेत्र के भिटारी मजरे आलमपुर (कुंवरमऊ) निवासी अंकेश (22) का शव 27 मई को बंशहिया तालाब छतोह के पास मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की गला कसकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी।
नसीराबाद थानेदार श्रीराम पांडेय, एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी को घटना के खुलासे के लिए लगाया गया था। इस मामले में पुलिस ने नसीराबाद थाना क्षेत्र के कोरी भिटारी मजरे कुंवरमऊ की रहने वाली काजल और अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के रामपुर कोरवा मजरे काजी पट्टी निवासी गोविंद कुमार व ध्रुवराज उर्फ ध्रुवे को गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने जो बताया उससे पुलिस भी हैरान हो गई। एसपी के मुताबिक पकड़ी गई काजल ने बताया कि उसका भाई उसके साथ छेड़खानी करता था। इससे वह तंग आ गई थी। यह बात काजल ने अपने प्रेमी गोविंद कुमार से बताई। इस पर गोविंद ने अपने साथी ध्रुवराज के साथ मिलकर युवक की हत्या किए जाने की साजिश रची।
प्रेमी ने दोस्त के साथ अंकेश को शराब पिलाने के बहाने राजापुर स्थित शराब के ठेके पर ले गया। वहां शराब पिलाई। इसके बाद गला कसकर युवक की हत्या कर दी और उसके शव को तालाब में फेंक दिया। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
थानेदार श्रीराम पांडेय बताते हैं कि घटना के बाद मामले की पड़ताल शुरू की गई तो मृृतक युवक की छोटी बहन पर भी शक गया। बहन से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने घटनाक्रम की जानकारी दी। बहन और उसके प्रेमी की कॉल डिटेल सर्विलांस के जरिए खंगाली गई तो दोनों की घटना के पहले बातचीत होने की बात भी सामने आई।
इस पर कड़ाई से पूछताछ की गई तो बहन ने घटना से पर्दा उठा दिया। थानेदार कहते हैं कि पकड़ी गई बहन ने प्रेमी से कहा था कि तुम कुछ नहीं कर पाए तो वह खुदकुशी कर लेगी। उसका भाई उसे बहुत परेशान करता है।
पुलिस अधीक्षक ने ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करने वाली नसीराबाद पुलिस और एसओजी टीम के कार्य को सराहा। एसपी ने कहा कि घटना के समय हमारे पास कोई सुराग नहीं था जिससे मर्डर का पर्दाफाश हो सके। पुलिस ने क्लू जुटाए। कामयाबी मिली और ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा हो गया।