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Raebareli News: छतों पर रखे थे ईंट-पत्थर, पहले से रची गई थी माहौल बिगाड़ने की साजिश

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 पथराव की घटना के विरोध में बछरावां थाना का घेराव करके धरना देते लोग।  - फोटो : पथराव की घटना के विरोध में बछरावां थाना का घेराव करके धरना देते लोग।
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रायबरेली। बछरावां कस्बे के सब्जी मंडी मोहल्ले में बृहस्पतिवार को जिस तरह भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश की गई, उससे जाहिर है कि इसकी प्लानिंग पहले से थी। ईट-पत्थर घरों की छतों पर रखे थे। विवाद होने पर पथराव के साथ चाकू के अलावा अन्य धारदार हथियार भी आरोपियों के के हाथों में देख गए। चार घंटे तक विरोध प्रदर्शन चला। दोनों समुदाय के लोग अपना-अपना पक्ष रखते रहे, लेकिन इसके पीछे किसका हाथ था, यह बड़ा सवाल है। यह मोहल्ला गंगा-जमुनी तहजीब का जीता जागता उदाहरण रहा है, जहां पर दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। दशकों से इस मोहल्ले के युवा टोली बनाकर रंग खेलते आए हैं।
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यह सिलसिला इस बार भी चला। युवा टोली बनाकर रंग खेलते आगे बढ़ रहे थे, लेकिन इसी बीच अचानक दूसरे समुदाय की तरफ से पथराव और चाकू से हमला कर दशकों की परंपरा को आघात पहुंचाया गया। यह घटना करीब दोपहर 1.30 बजे की है। बवाल के बाद गुस्साए लोग शाम चार बजे तक कोतवाली में विरोध प्रदर्शन करते रहे। सभी में स्थानीय बछरावां पुलिस के खिलाफ भी आक्रोश था। जिस बछरावां कस्बे में चहल-पहल थी, वहां पर सन्नाटा पसर गया। हर कोई घटना को लेकर चर्चा करता नजर आया। गनीमत रही कि पुलिस-प्रशासन अफसर तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए। पहले एडीएम-एएसपी और फिर एसपी मौके पर पहुंचे। सभी ने लोगों से बातचीत की और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वैसे तो मामला शांत हो गया है, लेकिन सवाल यही है कि आखिर इस सबके लिए दोषी कौन है। कौन है, जिसने चिंगारी भड़का कर माहौल को खराब करने की कोशिश की। उधर, घटना के बाद आरोपी घरों से भाग खड़े हुए हैं।
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