रायबरेली। सरकारी अस्पतालों में मरीजों में खून की कमी को दूर करने के लिए ऊंचाहार सीएचसी में ब्लड स्टोर करने के लिए यूनिट संचालित हो गई है। अब मरीजोंं को ब्लड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यूनिट में एक साथ 10 यूनिट ब्लड सुरक्षित रखा जाएगा। सुविधा मिलने के बाद ऊंचाहार क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिल गई है।
जिले की सीएचसी बछरावां, लालगंज, डलमऊ, ऊंचाहार और सलोन को एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) का दर्जा दिया गया है। सिजेरियन प्रसव की सुविधा एफआरयू में उपलब्ध है। प्रसूताओं व अन्य तमाम मरीजों को इलाज के दौरान ब्लड की जरूरत पड़ती है, लेकिन सीएचसी स्तर पर ब्लड न मिल पाने से इलाज में समस्या होती है। ब्लड के अभाव में मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए सभी पांचों एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित कराने की प्रक्रिया चल रही है।
बछरावां सीएचसी को पहले ही ड्रग इंस्पेक्टर शीवेंद्र प्रताप सिंह ने जांच संबंधी सारी औपचारिकताएं पूरी कराकर लाइसेंस दिया था। अब ऊंचाहार सीएचसी को भी ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए लाइसेंस मिल गया है। बछरावां और ऊंचाहार में 10-10 यूनिट ब्लड रखवाया जाएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को उपलब्ध कराया जा सके।
जिले की अन्य एफआरयू में भी स्टोरेज यूनिट स्थापित कराने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इन अस्पतालों में भी मरीजों को यह सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। ऊंचाहार सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्जा का कहना है कि लाइसेंस मिलने के बाद यूनिट को शुरू करा दिया गया है।
ऊंचाहार सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए प्रक्रिया पूरी कराकर लाइसेंस दे दिया गया है। बछरावां को पहले ही लाइसेंस दिया गया है। अन्य सीएचसी में यूनिटों के लिए आवेदन आने के बाद लाइसेंस जारी किया जाएगा।
- शीवेंद्र प्रताप सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर