रायबरेली। प्याज की कालाबाजारी को रोकने के लिए मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने शहर के रतापुर स्थित मंडी में छापा मारा। इससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
टीम ने प्याज के छह थोक विक्रेताओं के गोदामों को चेक किया। हालांकि कहीं भी मानक से अधिक प्यास नहीं मिला। अधिकारियों ने विक्रेताओं को किसी भी हाल में प्याज डंप न करने के आदेश दिए।
सिटी मजिस्ट्रेट के अलावा एआरओ पीएन पाल, मंडी निरीक्षक प्रेमचंद्र, बद्री प्रसाद, विपणन निरीक्षक सुनील यादव की टीम ने रतापुर स्थित मंडी में मंगलवार सुबह छापा मारा।
टीम ने यहां अतीक, तारा ट्रेडर्स, मोहर्रमअली, बृजेश, मो. हनीफ व मो. नफीन के गोदामों को चेक किया। गोदामों में कहीं भी मानक से अधिक प्याज नहीं मिली। टीम ने सभी दुकानदारों को चेतावनी दी कि किसी भी हाल में प्याज को डंप न किया जाए।
प्याज डंप करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। टीम ने रतापुर स्थित मंडी में लोगों को सस्ते मूल्य पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए एक काउंटर खुलवाया।
काउंटर के माध्यम से 65 रुपये किलो के हिसाब से एक-एक किलो प्याज बेचा गया। करीब पांच क्विंटल प्याज की बिक्री थोक भाव में कराई गई है। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने 11 दिसंबर को एक साथ जिले की सभी मंडियों में छापा मारने के आदेश दिए हैं।
डीएसओ केएन सिंह ने बताया कि डीएम ने एक साथ छापा मारने के आदेश दिए हैं। टीमों में सभी एसडीएम, आपूर्ति निरीक्षकों के साथ ही मंडी के अधिकारी शामिल रहेंगे। क्षमता से अधिक गोदामों में प्याज मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।