रायबरेली। ब्लैक फंगस की चपेट में आने के बाद जिले के एक और युवक की मौत हो गई है। अब तक जिले में आठ संक्रमित मरीज मिल चुके हैं, जिसमें तीन की मौत हो चुकी है। एक मरीज की दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी है। मरीजों को लखनऊ के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि बेतौरा डीह के 34 वर्षीय युवक को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया में भर्ती कराया गया था। हालांकि उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन युवक ब्लैक फंगस की चपेट में आ गया था।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। इसके अलावा चंदू का पुरवा तेजगांव के 37 वर्षीय युवक को भी एसजीपीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया है। सलेथू महराजगंज के 45 वर्षीय व्यक्ति को केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया गया है। मरीज की दोनों आंखों की रोशनी जा चुकी है। जिले में अब तक ब्लैक फंगस के आठ केस मिल चुके हैं, इसमें अब तक तीन मरीजों की मौत हो चुकी है।
थोड़ा भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर से लें सलाह: डॉ. धर्मेंद्र
आर्यावर्त हॉस्पिटल के निदेशक व नेत्र सर्जन डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि नाक में दर्द, खून आना या नाक बंद होना, नाक में सूजन, दांत या जबड़े में दर्द या दांतों का गिरना, आंखों के सामने धुंधलापन या दर्द, न दिखना या दो-दो दिखाई देना, बुखार, सीने में दर्द, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, खून की उल्टियां ब्लैक फंगस के लक्षण हैं।
हल्के लक्षण दिखने पर जल्दी से डॉक्टर से संपर्क करे। मधुमेह रोगी कोरोना के साथ ही खुद को फंगल इंफेक्शन से बचाने का प्रयास करें, क्योंकि शुगर के रोगियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनका इम्युन सिस्टम काफी कमजोर हो जाता है। ब्लैक फंगस होने पर आंखों की रोशनी चली जाती है।