4-राही क्षेत्र के बेंद गांव के पास नाले में किया गया कब्जा। संवाद
रायबरेली। राही ब्लॉक क्षेत्र से होकर निकले बेंद नाले का अस्तित्व खतरे में है। कुछ लोगों ने नाले को पाटकर कब्जा कर लिया। यही नहीं उसके ऊपर बाउंड्रीवाल का निर्माण करा दिया है। इसमें सिंचाई विभाग की भूमिका संदिग्ध लग रही है। भूमि माफियाओं ने नाले के भूमि पर सड़क का निर्माण भी करा दिया है। इससे बारिश में 15 गांव में जलभराव की समस्या उत्पन्न होगी। यही नहीं सैकड़ों बीघा फसल भी जलमग्न होगी। इसको सिंचाई विभाग के अभियंता गंभीर नहीं है। नाले पर कब्जे का ग्रामीणों ने विरोध भी किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
राही ब्लॉक क्षेत्र के बेंद, खनुवा, नथईपुर, दूली का पुरवा, पूरे निकासू, दल सिंह का पुरवा समेत 15 गांव में बारिश में जलभराव की समस्या से राहत के लिए बेंद नाले बना है। यह नाला सई नदी में जाकर मिला है। बारिश का पानी इसे नाले से होकर नदी में चला जाता है। मुंशीगंज-डलमऊ राजमार्ग पर बेंद चौकी पास से नाले पर कब्जा हो गया है। ग्रामीण दिनेश कुमार यादव, रामप्रकाश, रामफेर, माता बदल, अशोक तिवारी, सुंदरलाल विश्वकर्मा ने बताया कि नाले पर कब्जा होने हो जाने से गांवों में जलभराव की समस्या होगी। यही नाले नाले को पाटकर रास्ता का निर्माण करा दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई मौके पर देखने तक नहीं आया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की मिलीभगत से नाले पर कब्जा हो गया है। यदि समय रहते अधिकारी नहीं चेते, तो नाले का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील यादव ने बताया कि नाले पर कब्जा होने की जानकारी नहीं है। जांच के बाद कब्जा हटवाया जाएगा।