रायबरेली। माध्यमिक के बाद अब परिषदीय विद्यालय भी खुलने वाले हैं। बच्चों को किताबें मिल सकें, इसके लिए विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी जिले को किताबों की शत-प्रतिशत आपूर्ति नहीं हो सकी है फिर भी उपलब्ध किताबों को ब्लॉक संसाधन केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया गुरुवार को शुरू करा दी गई। जितनी भी किताबें हैं, उन्हें ब्लॉक तक पहुंचाने के बाद उनका वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
जिले में दो लाख 97 हजार बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाना है। इसके लिए लगभग 20 लाख 22 हजार किताबों की जरूरत पड़ेगी। पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति 2 जुलाई से शुरू हुई थी। आपूर्ति में हो रही ढिलाई के चलते पिछले डेढ़ महीने में 12 लाख 50 हजार किताबें ही मिल सकी हैं। इसमें भी कक्षा छह की ज्यादातर किताबें अभी नहीं आई हैं। कक्षा एक से पांच तक की सभी किताबों की आपूर्ति हो गई है।
अब तक आई किताबें हिंदी सिर्फ मीडियम की हैं। अंग्रेजी मीडियम की किताबों की आपूर्ति नहीं हुई है। अभी तक इंतजार किया जा रहा था कि सभी किताबें आ जाएं, तब वितरण शुरू किया जाए। अब स्कूल खुलने की तिथि घोषित होने के बाद बच्चों तक किताबें पहुंचाने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है।
जिले को जितनी भी किताबें उपलब्ध कराई गई हैं, उन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्रों तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। पहले दिन राही ब्लॉक को 20964 किताबें भेजी गईं। इनमें कलरव-1, किसलय-2, गिनतारा-2, पंखुड़ी-3, वाटिका-5, गणित ज्ञान-5, प्रकृति-5, पेटल्स-5, संस्कृत सुबोध-5 शामिल हैं।
जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि राही ब्लॉक को किताबें भेज दी गई हैं। इसी तरह अन्य ब्लॉकों में भी किताबें पहुंचाई जाएंगी। जैसे-जैसे ब्लॉकों को किताबें पहुंचती रहेंगी, उन्हें स्कूलों तक पहुंचाने का काम होता रहेगा। कोशिश होगी कि बच्चों के हाथों में किताबें समय से पहुंच जाएं ताकि स्कूल खुलने पर बच्चे किताबों के साथ विद्यालय जाएं।