किशोरी के साथ दुष्कर्म की कोशिश पर कड़ी सजा दिलाने के बजाय पंचायत ने 70 हजार रुपये जुर्माना लगाकर युवक को छोड़ दिया। पीड़ित परिवार पंचायत में बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाता रहा, लेकिन पंचों ने उसकी एक न सुनी। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने युवक के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का केस दर्ज करने का आदेश दिया।
रायबरेली जिले में सलोन के एक गांव की निवासी 17 वर्षीय किशोरी के साथ करीब 10 दिन पहले एक युवक ने दुष्कर्म का प्रयास किया था। पीड़ित परिवार ने कोतवाली में केस दर्ज कर कराना चाहा। लेकिन गांव वालों ने दबाव डाल कर पंचायत बुला ली।
गांव की पंचायत में किशोरी की इज्जत से खिलवाड़ के अपराध की कीमत 70 हजार रुपये लगाई गई। पंचायत ने आरोपी को फरमान सुनाया कि पीड़िता को 70 हजार रुपये हर्जाना दे। हालांकि पंचायत की इस बात को भी युवक ने नहीं माना और पैसे देने से इंकार कर दिया।
इस पर पीड़ित परिवार कोतवाली पहुंचा और घटना की जानकारी पुलिस को दी। मामला एसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने मौसदाबाद धौरहरा गांव निवासी अजीत कुमार के खिलाफ किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का केस दर्ज कराया। कोतवाल बृजेश कुमार राय का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पंचायत कराने वालों पर हो सकती कार्रवाई
एक किशोरी की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की गई। इस कानून की मदद लेने के बजाय पंचायत ने खुद फैसला सुनाया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि घटना के बाद मामले को रफादफा कराने की कोशिश करने वाली पंचायत भी दोषी है। बताया जा रहा है कि पुलिस इन लोगों को चिह्नित कर रही है। उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जा सकता है।