डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की गुरुवार से होने वाली बेमियादी हड़ताल घोषणा के बावजूद नहीं की गई। इंजीनियर्स हड़ताल से पीछे हट गए। विभिन्न विभागों के अवर अभियंताओं ने केवल कार्य बहिष्कार किया।
सिंचाई विभाग कार्यालय परिसर में एक्सईएन के कक्ष के सामने बैठक हुई। इस दौरान 4800 ग्रेड पे न मिलने पर प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
पीडब्ल्यूडी, आरईडी, सिंचाई विभाग, पीएमजीएसवाई, जल निगम समेत अन्य विभागों के जेई 4200 ग्रेड पे को बढ़ाकर 4800 करने की मांग पर अड़े हैं। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर मांग को लेकर कार्य बहिष्कार चल रहा है।
महासंघ ने मांग पूरी न होने पर 25 फरवरी से बेमियादी हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया था। इसकी घोषणा भी हो गई थी, लेकिन संगठन ने एकाएक हड़ताल पर जाने का निर्णय वापस ले लिया।
इसके बाद गुरुवार को संगठन की सिंचाई विभाग के शारदा सहायक खंड-दक्षिणी कार्यालय परिसर में बैठक हुई। इसमें संघर्ष समिति के चेयरमैन संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि मांग पूरी होने तक जेई काम नहीं करेंगे।
अनिश्चित कालीन हड़ताल भले ही टल गई है, लेकिन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। जनपद सचिव संजय पाठक ने बताया कि गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल होनी थी।
बुधवार को ही दल के प्रांतीय नेताओं के साथ हुई बैठक में शासन के अफसरों ने एक सप्ताह की मोहलत मांगी है। इसलिए एक मार्च तक अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित कर दी गई है।
मांग पूरी न होने पर दो मार्च से हड़ताल की जाएगी। बैठक का संचालन अमित कुमार मौर्या ने किया। इस मौके पर वीके धामी, पीके खन्ना, जेएन वर्मा, जय सिंह, अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।