लाडलों पर बुखार का अटैक बढ़ता जा रहा है। 24 घंटे के अंदर बुखार से एक बच्ची की मौत हो गई। जबकि 30 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। जिला अस्पताल का 45 बेड का बच्चा वार्ड फुल हो गया है। वार्ड के बाहर बेड लगा दिए गए हैं।
खास बात ये है कि बच्चों को बुखार इतना तेज रहता है कि परिवारीजन बुखार कम करने के लिए भीगा कपड़ा उनके माथे पर रख रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव की वजह से बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
सितंबर में संक्रामक रोग का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। खासकर बुखार की चपेट में बड़ों के साथ अब बच्चे भी आ रहे हैं। अस्पताल का बच्चा वार्ड 45 बेड का है। यहां सभी बेड फुल हो गए हैं। इससे कुछ बेड वार्ड के बाहर रखा दिए गए हैं। इसमें से सबसे अधिक रोगी बुखार से संबंधित भर्ती हैं।
ऊंचाहार की रहने वाली माही पांडेय (1) को बुखार आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। इसके अलावा सत्यम (2) निवासी लालगंज, मोमिम (3) निवासी खाली सहाट, अंशिका (2) निवासी नंदी का पुरवा, अंकुश (1) निवासी निगोही, प्रतिमा (2) निवासी पारा कॉलोनी, ऐरमबानो (14 माह) निवासी सलोन, अनुराग (2) निवासी लखनापुर सरेनी, आरोही (10 माह) निवासी बस स्टेशन रायबरेली, विकास (पांच माह) निवासी गौरा रुपई गदागंज, रोशनी (3) निवासी सलोन, शमशेर (2) निवासी राही, दिनेश (1), पार्वती (1), सतेंद्र (2) निवासी जगतपुर, राहुल (1), अरबाज (2) निवासी दीनशाहगौरा समेत 30 बच्चे बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती किए गए हैं। इसमें से कई ऐसे बच्चे हैं, जिनको तेज बुखार है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि माौसम में बदलाव की वजह से बच्चे बुखार की चपेट में आ रहे हैं। यहां आने वाले बच्चों के इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ से इलाज कराया जा रहा है। वार्ड के बाहर भी बेड रखवा दिए गए हैं, ताकि बच्चों को भर्ती करने में कोई दिक्कत न आ सके।