रायबरेली। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मुहैया कराने की सरकार की मंशा जिले में पूरी नहीं हो पा रही है। अब तक जिले में योजना से जुड़े 26 अस्पतालों में मात्र 793 रोगियों को ही भर्ती करके मुफ्त इलाज का लाभ दिया गया है।
जिले की 14 सीएचसी में एक भी मरीज को अब तक योजना के तहत भर्ती नहीं किया गया है। सिर्फ सीएचसी लालगंज, डलमऊ और बेलाभेला में ही योजना शुरू हो सकी है। मामले में शासन ने गंभीर रुख अपनाते हुए सीएमओ से जवाब मांगा है। सीएमओ ने लापरवाही बरत रहे 14 सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस जारी करके जल्द ही योजना न शुरू करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिले में आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने के लिए 2.62 लाख गरीबों को चिन्हित किया गया है। इन गरीबों को गोल्डन कार्ड जारी करने का काम चल रहा है। जिले में जिला महिला व पुरुष अस्पतालों के अलावा 18 सीएचसी को भी योजना के तहत जोड़ा गया है।
इसके अलावा सात निजी अस्पतालों को भी योजना के तहत जोड़कर गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने के आदेश दिए गए हैं। जिले में अब तक जिला महिला अस्पताल में 103, सीएचसी लालगंज में 30, डलमऊ में 23 और सीएचसी बेलाभेला में एक रोगी को भर्ती करके योजना का लाभ दिया गया है।
जगतपुर, ऊंचाहार, सलोन, महराजगंज, बछरावां, हरचंदपुर, सरेनी, डीह, शिवगढ़ आदि सीएचसी में अब तक एक भी रोगी को योजना के तहत भर्ती नहीं किया गया है। जिले में अब तक 793 रोगियों को ही योजना से जुड़े अस्पतालों में भर्ती करके आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया गया है।
जिले की सबसे खराब प्रगति पर अपर निदेशक ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ को प्रगति में सुधार लाने के आदेश दिए हैं। अपर निदेशक के निर्देश पर सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को नोटिस देकर योजना के तहत रोगियों को भर्ती करके इलाज का लाभ देने के आदेश दिए हैं। लापरवाही करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आयुष्मान भारत योजना से जिले की सभी सीएचसी को जोड़ दिया गया है। अब तक 14 सीएचसी ने काम शुरू नहीं किया है। संबंधित अधीक्षकों को नोटिस देकर तत्काल योजना के लाभार्थियों को भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के आदेश दिए गए हैं।
-डॉ. संजय कुमार शर्मा, सीएमओ