रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों को घर-घर पहुंचाने के साथ ही उनका क्रियान्वयन कराने वाली आशा बहुओं को जल्द ही बड़ा तोहफा मिलने वाला है।
जिले की 2,774 आशा बहुओं व संगिनियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। आयुष्मान भारत योजना से आशा बहुओं को जोड़ने के लिए सरकार ने आशाओं से संबंधित पूरी रिपोर्ट तलब की है। जल्द ही आशाएं भी कैशलेस इलाज से जुड़ जाएंगी।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की व्यवस्था की गई है। जिले में पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए 16.67 लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है।
लक्ष्य के सापेक्ष जिले में 3.32 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड ही अब तक बनाए जा सके हैं। जिले में एक लाख से अधिक अंत्योदय कार्डधारकों के अलावा 4200 से अधिक श्रमिकों को भी योजना से जोड़कर कैशलेस इलाज की सुविधा दी गई है।
गांवों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का कियान्वयन और संचालन कराने वाली 2638 आशा बहुएं और 136 आशा संगिनियों को विभाग की ओर से काम करने पर ही इंसेंटिव मिल पाता है।
काफी मेहनत करने के बाद भी उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन ने अब आशा बहुओं को बीमार होने पर पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देगा।
इसके लिए सीएमओ से आशा बहुओं और संगिनियों का पूरा डाटा मांगा गया है। जल्द ही आशा बहुओं को भी गोल्डन कार्ड जारी करके आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जाएगा।
72 टीमें तैयार, सात से गोल्डन कार्ड बनाएंगी नई एजेंसी
गोल्डन कार्ड बनाने में बरती जा रही सुस्ती पर नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने एक नई एजेंसी को गोल्डन कार्ड बनाने का काम दिया है। यह एजेंसी जिले में करीब 13.35 लाख गरीबों का गोल्डन कार्ड बनाएगी। शासन स्तर से एजेंसी तय होने के बाद एजेंसी सात जून से जिले में गोल्डन कार्ड बनाने का काम शुरू करेगी। शुरू में सभी ब्लॉकों में चार-चार टीमें काम करेंगी। प्रत्येक दिन 72 गांवों में एजेंसी की टीम पहुंचकर पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाएगी। इसके लिए तैयारी पूरी की जा चुकी है।
सूची के अलावा अंत्योदय कार्डधारकों, श्रमिकों का भी बनेगा कार्ड
आयुष्मान भारत योजना के डीपीसी डॉ. हरीश वैश्य का कहना है कि शासन स्तर से तय की गई एजेंसी को सूची में शामिल पात्रों के अलावा करीब एक लाख अंत्योदय कार्डधारकों और 42 हजार श्रमिकों व बिल्डिंग व निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों का गोल्डन कार्ड भी बनाएगी।
आशा बहुओं को भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज देने की मंशा है। इसके लिए शासन से रिपोर्ट मांगी गई है। नई एजेंसी भी सात जून से गोल्डन कार्ड बनाने का काम करेगी। इससे पात्रों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ