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सूबेदार की बेटी एकता बनी सेना में कैप्टन, गांव वालों ने फूलों से किया स्वागत

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इन्हौना (रायबरेली)। अमेठी जिले के सिंहपुर विकास क्षेत्र के उसरहा निवासी व सेना के सूबेदार वीरेंद्र वाजपेयी की होनहार बेटी एकता वाजपेयी ने अपनी काबिलियत से पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है।
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करीब डेढ़ साल पहले लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुईं एकता अब सेना में कैप्टन बन चुकी हैं। आसाम में तैनाती के बाद छुट्टी पर बुधवार को एकता गांव लौटीं तो स्वागत के लिए हर कोई दौड़ पड़ा।
गांव के बाहर ही बैंड-बाजे के साथ उमड़ी भीड़ देख एकता गाड़ी से उतरी और पैदल ही घर की ओर चल पड़ीं। गांव के लोगों ने माल्यार्पण कर बुकें भेंट की और पुष्पवर्षा भी की।
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उसरहा गांव की रहने वाली एकता वाजपेयी ने मध्य प्रदेश से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उन्होंने बीटेक तृतीय वर्ष में ही सेना में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था।
इस दिशा में प्रयास भी शुरू कर दिए, जिसका नतीजा रहा कि उनका चयन सितंबर 2019 में लेफ्टिनेंट के पद पर हो गया। एक साल बाद ही उन्हें प्रमोशन भी मिल गया। अक्तूबर 2020 में प्रोन्नति पाकर वह कैप्टन बनीं।
ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई में प्रशिक्षण लेने के बाद आसाम में तैनाती मिली। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि से पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। छुट्टी लेकर वह गांव आई तो स्वागत के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया। फूल-मालाएं और बुकें भेंट की। जगह-जगह फूल बरसाए गए।
गांव वालों को बिटिया की उपलब्धि पर गर्व
उसरहा गांव के लोग बिटिया को मिली उपलब्धि से गर्व महसूस कर रहे हैं। गांव के बुजुर्ग भानु किशोर बाजपेयी ने बताया कि एकता बिटिया ने गांव का ही नहीं, बल्कि अपने अमेठी जिले का नाम रोशन किया है। पूर्व प्रधान पं. श्रीकृष्ण मिश्र ने कहा कि बिटिया की उपलब्धि पर उन्हें गर्व है। स्वागत करने वालों में आशीष मिश्र, मारुत, आशीष बाजपेयी आदि शामिल रहे।
बहन निफ्ट और भाई बंगलुरू में पढ़ रहा है
एकता वाजपेयी के पिता वीरेंद्र वाजपेयी भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर पठानकोट में तैनात है। माता मनोरमा बाजपेयी गृहणी हैं। छोटी बहन ज्योति निफ्ट रायबरेली में पढ़ाई कर रही है तो छोटा भाई पंकज बंगलुरू में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है। पिता की तैनाती देश के अलग-अलग प्रांतों में होने के कारण एकता की पढ़ाई भी कई जगह हुई। एकता ने प्राथमिक शिक्षा आर्मी स्कूल अमृतसर से प्राप्त की थी।
माता-पिता को दिया उपलब्धि का श्रेय
घर लौटने पर अपने परिवार के साथ खुशी मना रही एकता वाजपेयी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता को दिया है। उन्होंने कहा कि मेरी सफलता में मेरे परिवार और मेरे पापा का खास योगदान है। आज मेरे पास जो भी है, वह पापा की मेहनत और उनके भरोसे के कारण है। एकता ने सभी अभिभावकों से कहा है कि बेटों की तरह बेटियों की पढ़ाई पर भी ध्यान दें, उन पर भरोसा करें। बेटियों में भी माता-पिता का नाम रोशन करने की क्षमता होती है।
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