रायबरेली। तालाब की सुरक्षित भूमि पर मकान बनाकर रहने वाले कब्जेदारों को झटका लगा है। सदर तहसीलदार के बेदखली व जुर्माना के आदेश के खिलाफ डीएम के कोर्ट में की गई अपीलों को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने सुनवाई पूरी करते हुए कहा कि तालाब की सुरक्षित भूमि पर घर बनवाकर रह रहे कब्जेदारों का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है।
तत्कालीन सदर तहसीलदार ने घोंसरी मजरे कंडौरा निवासी शिवमूर्ति सिंह के खिलाफ 17 अगस्त 2021 और रघुबीरगंज बाजार मजरे कंडौरा निवासी नारेंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ बेदखली के आदेश के साथ ही जुर्माना भी लगाया था। आरोप है कि कब्जेदारों ने तालाब की सुरक्षित भूमि पर कब्जा करके घर बनवा लिया है। कब्जेदारों ने तहसीलदार के आदेश के खिलाफ डीएम कोर्ट में अपील कर दी थी। डीएम ने मुकदमों की सुनवाई पूरी करते हुए कब्जेदारों की अपीलों को खारिज कर दिया, क्योंकि सुरक्षित भूमि का न किसी को आवंटित किया जा सकता है और न ही इस भूमि पर कब्जा करके निर्माण ही कराया जा सकता है।