रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में पुलिस ने शनिवार को एक और दलाल को हिरासत में ले लिया। पकड़ा गया दलाल डीह थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस का दावा है कि दलाल अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मिलकर ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली कर रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ करके उसके साथियों की तलाश कर रही है। इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ समेत अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। एसटीएफ के ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले का खुलासा से हड़कंप है। सूत्रों के मुताबिक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गुपचुप तरीके से जिले में आकर इस गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कार्य में किसी सफेदपोश का हाथ तो नहीं है।
बीते शुक्रवार को एसटीएफ पहले लालगंज और फिर हरदासपुर स्थित एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर इस प्रकरण की जांच की थी। एसटीएफ की जांच गोपनीय तरीके से चल रही है। इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर पुलिस तक को नहीं हो पा रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध वसूली का यह मामला कितना गंभीर हो गया है। एसओजी टीम ने सुबह डीह क्षेत्र के एक दलाल को पकड़कर पूछताछ शुरू की है। सीओ लालगंज-विवेचक अमित सिंह का कहना है कि हिरासत में लिए गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यह है मामला
एसटीएफ के उपनिरीक्षक अमित कुमार ने मंगलवार रात रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के अंबारा पश्चिम मोहित सिंह, अयोध्या जिले के बेजू पुरवा टिहुरा निवासी ट्रक चालक सुनील यादव, एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर पुष्पांजली, उनके चालक सिकंदर, यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) फतेहपुर अखिलेश तिवारी, उनके चालक अशोक तिवारी, एआरटीओ प्रवर्तन रायबरेली अंबुज, उनका दीवान नौशाद, पीटीओ रायबरेली रेहाना, उनका चालक सुशील और मिथुन के खिलाफ लालगंज कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आदि की धारा में केस दर्ज कराया गया था। मामले में एसटीएफ ने दलाल मोहित सिंह और ट्रक चालक सुनील यादव को जेल भेजा है।