नसीराबाद के पूरे अंडी मजरे कुढ़ा गांव में बवाल के बाद गांव में तैनात पुलिस।
नसीराबाद (रायबरेली)। पूरे अंडी मजरे कुढ़ा गांव में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हुए बवाल को तीन दिन बीत गए हैं। बावजूद पुलिस ने किसी उपद्रवी को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शुक्रवार रात मुहर्रम का जुलूस निकला था। जुलूस के दौरान लोग आपत्तिजनक नारेबाजी कर रहे थे। गांव निवासी एवं भट्ठा संचालक भानू प्रताप तिवारी के मना करने पर उपद्रवियों ने उनके साथ मारपीट की थी। उनके भट्ठे पर जाकर वाहनों में तोड़फोड़ की थी। भट्ठा मालिक की तहरीर पर अमेठी जिले के गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे फाजिल निवासी साजिद अली, सोनू, फूलबाबू, अट्टू, अमरोज, शब्बीर समेत 150 उपद्रवियों पर मारपीट, तोड़फोड़ करने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
करणी सेना के पदाधिकारियों ने रविवार को गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करके न्याय दिलाने की बात कही थी। पदाधिकारियों का कहना है कि नसीराबाद पुलिस शुरुआती दिन से ही घटना को छिपाने की कोशिश कर रही थी। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई और केस दर्ज किया।
करणी सेना के जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह का कहना है कि पुलिस पीड़ित पक्ष के घर भले ही सुरक्षा दे रही है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इससे क्षेत्रीय लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष चैतन्य सिंह भदौरिया, धीरज सिंह ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उधर, नसीराबाद थाना प्रभारी कमलेश कुमार का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है।