सीएम की प्राथमिकता वाली हौसला पोषण मिशन योजना की सच्चाई अमर उजाला के मंगलवार के अंक में उजागर होने के बाद जिला प्रशासन के अफसरों में हड़कंप रहा। कुर्सियों पर बैठ व्यवस्था देख रहे विभागीय अधिकारियों व सुपरवाइजरों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर स्वयं सच्चाई देखने पड़ी। कई केंद्रों पर अव्यवस्था मिलने पर चार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों व तीन सुपरवाइजरों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। यही नहीं योजना के तहत भोजन न बनवाने वाले प्रधानों से भी जवाब तलब किया गया है।
अमर उजाला ने 8 नवंबर के अंक में ‘आंगनबाड़ी केंद्रों पर ठंडे पड़े चूल्हे, गर्भवतियों को भोजन के लाले’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें हौसला पोषण मिशन योजना की बदहाली का जिक्र किया गया था। जिला कार्यक्रम मनोज कुमार ने मंगलवार को राही विकास क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र मधुपरी प्रथम व द्वितीय का निरीक्षण किया। यहां कार्यकर्त्री केंद्र पर मिलीं, लेकिन पंजीकृत बच्चों के पंजीकरण के सापेक्ष छात्र संख्या कम मिली। इस पर कार्यकर्त्रियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
दोनों केेंद्रों पर हौसला पोषण मिशन का भोजन बनता मिला। यहां के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी लालगंज क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र चांदाटीकर व बहाई द्वितीय का निरीक्षण किया। कार्यकर्त्री केंद्र पर मिलीं। दोनो जगह छात्र संख्या कम रही। यहां भी दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया। पीओ परियोजना कार्यालय लालगंज निरीक्षण करने पहुंचे, यहां अभिलेख अपूर्ण थे। तीन सुपरवाइजरों ने रजिस्टर में भ्रमण अंकित किया था, लेकिन इसके अनुसार निरीक्षण करने नहीं गईं।
पीओ ने बताया कि सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोष जनक न मिलने ने पर कठोर कार्यवाई की चेतावनी भी दी गई। जगतपुर सीडीपीओ मुन्नी सिंह ने भी क्षेत्र के कुछ केंद्रों का निरीक्षण किया। प्रधानों से बात कर हौसला पोषण मिशन का धन खाते से निकाल कर भोजन बनवाने को कहा। इसके अलावा सतांव, अमावां, डलमऊ की परियोजना में भी निरीक्षण किए गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि भोजन न बनवाने वाले प्रधानों से भी जवाब तलब किया गया है।
डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि जिले के सभी प्रधानों को हौसला पोषण मिशन में खाते से धन निकालकर महिलाओं को मीनू के अनुसार भोजन परोसने का निर्देश दिए हैं। शासन की प्राथमिकता वाली किसी भी योजना में लापरवाही अक्षम्य होगी। सभी इसे गंभीरता से लेकर काम करें।