रायबरेली। निजी कंपनी में काम करने वाले साइड इंजीनियर को शुक्रवार रात कान में ईयरफोन लगाकर काम करना महंगा पड़ गया। राजधानी एक्सप्रेस आ गई, लेकिन इंजीनियर को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। ऐसे में ट्रेन से कटकर इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई।
बिजनौर जिले के हल्दौर थाना क्षेत्र के जमनवाला गांव निवासी दिपांशू नारंग (25) पुत्र धर्मेंद्र सिंह त्रिपाठी सवरना कंस्ट्रक्शन कंपनी गोरखपुर में साइड इंजीनियर पद पर तैनात थे। हरचंदपुर इलाके में मोती का पुरवा के पास निर्माणाधीन अंडरपास पर रात 10 बजे दिपांशू नारंग कार्य कर रहे थे। अन्य साथी बने अस्थायी कक्ष में भोजन करने गए थे। इंजीनियर दोनों कानों में ईयरफोन लगाए थे।
तभी प्रयागराज से लखनऊ की तरफ जा रही राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दिपांशू की मौत हो गई। दिपांशू का शव क्षत विक्षत हो गया। हरचंदपुर थाना प्रभारी आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से इंजीनियर की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया है। परिजन शव लेकर घर चले गए।
एक साल बाद भी नहीं बन सका अंडरपास
मोती का पुरवा गांव के पास एक साल से अंडरपास बनने का कार्य चल रहा है। इसके बावजूद अब तक तैयार नहीं हो पाया है। मोती का पुरवा, गुलूपुर समेत आसपास के गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। क्षेत्रीय राजेश कुमार, सोनू प्रसाद, दिवाकर सिंह, महेंद्र सिंह का कहना है कि समय से अंडरपास नहीं बन पा रहा है। जाम की भी समस्या रहती है।