बछरावां थाना के पश्चिम गांव में हंगामा के दौरान ग्रामीणों की बात सुनते क्षेत्रीय विधायक राहुल ल
बछरावां। पश्चिम गांव में सोमवार रात डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को सरकारी जमीन पर रखकर माल्यार्पण कर दिया गया। जानकारी पर पुलिस-प्रशासन की टीम ने मूर्ति को अपने कब्जे में ले लिया। इस पर लोगों ने हंगामा किया और नाराजगी जताई। पुलिस अफसरों ने उच्चाधिकारियों की परमीशन के बाद ही मूर्ति रखने की बात कहकर सभी को शांत कराया।
दरअसल, पश्चिम गांव के मुख्य चौराहे से कुछ दूरी पर खाली पड़ी सरकारी जमीन पर गांव के ही रहने वालों कुछ लोगों ने आंबेडकर की मूर्ति रखकर माल्यार्पण कर दिया। सुबह छह बजे जब ग्रामीण घरों से बाहर निकले तो देखा कि मूर्ति स्थापित कर दी गई है। घटना की सूचना जैसे ही गांव में फैली तो सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।
सूचना जैसे ही तहसील प्रशासन को मिली तो मौके पर लेखपाल सहित अन्य राजस्वकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर बछरावां कोतवाल सहित अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंचे, जहां राजस्व टीम के द्वारा आनन-फानन में मूर्ति को एक पिकअप में रखकर हटा दिया गया।
क्षेत्रीय लेखपाल सुशील कुमार ने बछरावां पुलिस को एक अज्ञात के खिलाफ सरकारी जमीन पर मूर्ति स्थापित करने के मामले में तहरीर दी है। हरचंदपुुर विधायक राहुल लोधी ने भी मौके पर पहुंचकर मूर्ति रखवाने की मांग की। साथ ही डीएम से बात कही। ग्राम प्रधान अब्दुल रहमान का कहना है कि जिस जमीन पर आंबेडकर की मूर्ति रखी गई है, वह जमीन राजस्व अभिलेखों में सरकारी है। बिना किसी आवंटन के मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसको तहसील प्रशासन व पुलिस की मदद से हटवाया गया है। उनके गांव के ही रहने वाले आंबेडकर समाज के लोगों द्वारा बीते कई वर्षों से मांग की जा रही है कि उस सरकारी भूमि को आंबेडकर मूर्ति लगाने के लिए आमंत्रित की जाए। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने भी विभाग को पत्र लिखा था।
सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार ने बताया कि बिना परमीशन के मूर्ति रखी गई थी। जानकारी पर मूर्ति कब्जे में ले लिया गया है। सभी को हिदायत दी गई कि बिना परमीशन के मूर्ति स्थापित करेंगे तो कार्रवाई होगी। अराजक तत्वों को चिह्नित करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।