डलमऊ। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार को एक बार फिर बढ़ गया। इससे कटरी के इलाकों में रहने वाले लोग बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। पानी बढ़ने के कारण डलमऊ के सभी घाट डूब गए हैं। इससे सावन माह में घाटों पर स्नान के लिए पहुंचने वाले भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
किसानों के खेतों की ऊपजाऊ मिट्टी की कटान भी तेज हो गई है। गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर, जबकि खतरे का निशान 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक मंगलवार को गंगा का जलस्तर 97.10 मीटर दर्ज किया गया। चेतावनी बिंदु से नदी एक मीटर 35 सेमी दूर है। चार घंटे में एक सेमी की रफ्तार से नदी का पानी बढ़ रहा है।
उधर, नदी में पानी बढ़ने से डलमऊ के पक्का घाट, कच्चा घाट, रानी शिवाला घाट, बड़ा मठ घाट समेत अन्य घाट डूब गए हैं। तीर्थ पुरोहितों को एक बार फिर तखत उठाकर बाहर रखने पड़े हैं। गंगा कटरी क्षेत्र के ग्राम चक मलिकभीटी, जमालनगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा, बबूरा, पूरे रेवती सिंह, चांदपुर लुक, कल्याणपुर बैंती गांव के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका सताने लगी है।
ग्रामीण साजन यादव, श्रीकृष्ण राम, जयशंकर ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से जहां एक और पशुओं के लिए चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नदी किनारे पर कटान कर रही है। जहरीले जीव जंतु आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
उप जिलाधिकारी प्रीती सिंह ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे कोई समस्या नहीं है। नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार होने पर ही बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। उधर, ऊंचाहार में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग सहमे हैं।
पानी से घिरने लगे सात गांव
सरेनी। गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते कुटिया एहतमाली ग्राम पंचायत के सात गांव पानी से फिर घिरने लगे हैं। इससे इन गांवों में रहने वाले लोग घबराए हैं कि पानी उनके गांव तक न आ जाए। कुटिया एहत माली ग्राम पंचायत के सात पुरवे पूरे भुल्ली, भक्ता खेड़ा, पूरे पुरविहन, पूरे शुक्रू, पूरे अहिरन, पूरे बंशी, पूरे पिपरहा गांव पानी से घिरने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेजी से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि क्षेत्रीय अधिकारियों का दावा है कि अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं।