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Raebareli News: बहुचर्चित बीडीसी पंकज हत्याकांड के पांचों आरोपी बरी

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मृतक पंकज सिंह। - फोटो : मृतक पंकज सिंह।
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रायबरेली। जिले के चर्चित बीडीसी पंकज हत्याकांड के पांचों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। 10 साल चले ट्रायल के बाद बुधवार शाम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। पीड़ित पक्ष कोर्ट के फैसले से नाखुश दिखा। मिल एरिया थाना क्षेत्र के लालूपुर चौहान गांव निवासी बीडीसी सदस्य पंकज सिंह पर 25 जनवरी 2016 को उस समय अंधाधुंध फायरिंग की गई थी, जब वह रायबरेली शहर के गायत्री देवी मंदिर के पास एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे।
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मृतक के भाई नीरज सिंह ने छह लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। विवेचना के दौरान एक आरोपी का नाम बाहर कर दिया गया था, जबकि पांच आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। तब से यह मामला दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट में चल रहा था। एडीजे द्वितीय प्रतिमा तिवारी ने आचार्य द्विवेदी नगर निवासी अभय सिंह उर्फ अंकित सिंह, फास्टर उर्फ अंकित सिंह, गांधी नगर निवासी मुकुट सिंह, इंदिरा नगर निवासी धनंजय सिंह उर्फ धुनाड़ी, नेहरू नगर निवासी अजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
पंकज को मारी गई थीं 17 गोलियां
बीडीसी सदस्य पंकज सिंह को पिस्टल से 17 गोलियां मारी गई थीं। इसमें 13 गोलियां उनके सीने में लगी थीं, जबकि अन्य हाथ, पैर में लगी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ था। जिले का यह सबसे चर्चित हत्याकांड है। इस पर काफी हंगामा भी हुआ था। अचानक आरोपियों के बरी होने की खबर से हर कोई हैरान है।
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मेरे साथ अन्याय हुआ, हाईकोर्ट जाऊंगा : नीरज सिंह
मौजूदा बीडीसी सदस्य एवं मृतक पंकज सिंह के भाई नीरज सिंह ने कोर्ट के फैसले पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि मेरे और मेरे परिवार के साथ अन्याय हुआ है। इतनी लंबी लड़ाई और साक्ष्य उपलब्ध कराने के बाद भी आरोपी बरी कर दिए गए। आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। न्याय पाने के लिए वह हाईकोर्ट जाएंगे। न्याय के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेंगे।
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