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Raebareli News: कांग्रेस से गठबंधन का संकेत दे गए अखिलेश

Fri, 25 Sep 2026 02:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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बछरावां में लोगों का अ​भिवादन करते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अ​खिलेश यादव। 
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रायबरेली। सपा प्रमुख अखिलेश यादव का दौरा बृहस्पतिवार को कई मायने में अलग रहा। समर्थकों की ऐसी भीड़ रही जो इससे पहले कभी नहीं दिखी। सपाइयों ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने होमवर्क की झलक को दिखा दिया। सबसे खास बात यह रही कि अखिलेश यादव ने मंच से कांग्रेस से गठबंधन के साफ संकेत भी दे दिए। उन्होंने कांग्रेस का नाम नहीं लिया लेकिन इशारों में अपनी रणनीति का खुलासा कर दिया।
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सपा प्रमुख से गठबंधन के मुद्दे पर मंच से ही कहा कि विधानसभा चुनाव हम जीतने जा रहे हैं। पहली बार उन्होंने किसी सभा में हम शब्द का प्रयोग किया। इसी से संकेत मिल गया कि कांग्रेस और सपा का गठबंधन होगा। कहा कि सामाजिक न्याय की स्थापना चाहते हैं। इस कारण गठबंधन होगा, हम साथ चलेंगे। जीतने वाली सीटें गठबंधन तय करेगा। बात सीट की नहीं, जीत की होगी। असल में नौ सितंबर को जब राहुल गांधी दिशा की बैठक में भाग लेने आए थे तो सपा के कई प्रतिनिधियों ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इससे साफ होने लगा था कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा की केमिस्ट्री मेल खाने वाली है।

सामान्य नागरिक संहिता के मुद्दे को भी अखिलेश ने मंच से उठाया कि चुनाव आते ही भाजपा इस मुद्दे को उठाने लगी है। जबकि जरूरी है कि समाज में एकरूपता हो। किसी के साथ कोई भेदभाव न हो। उन्होंने कहा कि हम संविधान की रक्षा कर रहे हैं। भाजपा चुनाव जीतने के लिए धर्म को मुद्दा बनाती है लेकिन लोग अब इनके झांसे में नहींं आने वाले हैं।
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बिना नोटिस दिए गिरा दिए जाते धार्मिक स्थल
अखिलेश ने कहा कि बिना कोई नोटिस दिए धार्मिक स्थलों को भी गिरा दिया जाता है। भाजपा वाले नकली हिंदू हैं, जिन्होंने काशी और सबसे पुरानी जगह पर बुलडोजर चलाकर कितने ही मंदिरों को तोड़ने का काम किया है। हमारी राजमाता के नाम का भी घाट तोड़ दिया गया। न केवल घाट तोड़ा बल्कि नफरत फैलाने के लिए समाज में झगड़ा हो जाए, उसके लिए मंदिर को गिराने का काम किया गया। यह लोग भाईचारे को खत्म करना चाहते हैं।

अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री एआई को समेट नहीं पा रहे हैं। समाजवादियों ने केवल एक ही वीडियो बनाकर धुंआ उठा दिया है। पीडीए के लिए कहते हैं कि हम परिभाषा बदल देतें है। जबकि पीडीए पिछड़ों, बाबा साहब आंबेडकर के संविधान के साथ है। कहा, जो अंडरग्राउंड लोग हैं वह भी जब जनता जुड़ती है तो जुड़ना शुरू हो जाते हैं।
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