रायबरेली। अब एम्स में कोरोना के गंभीर मरीज भर्ती हो सकेंगे। लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों में स्थापित एल-3 हॉस्पिटलों के फुल होने के कारण जिले के गंभीर कोरोना संक्रमितों को आईसीयू की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एल-3 लेवल अस्पताल खोलने के आदेश दिए हैं। काम भी शुरू हो गया है। शुरू में 50 बेड होंगे। 10 बेड का आईसीयू भी उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रयास किया जा रहा है कि इसी सप्ताह से मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू हो सके। खास बात यह कि अब तक एम्स में सिर्फ ओपीडी सेवा शुरू हो सकी थी। अब तक मरीजों को भर्ती नहीं किया गया था। ऐसे में एम्स में पहला मरीज जो भी भर्ती होगा, वह कोरोना संक्रमित होगा।
जिले में एल-3 लेवल का अस्पताल न होने पर गंभीर कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के लिए मिम्स बाराबंकी या फिर लखनऊ के केजीएमयू व एसजीपीजीआई रेफर किया जाता था।
लखनऊ में भी संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण ज्यादातर कोविड अस्पताल फुल हो गए हैं। ऐसे में जिले के गंभीर मरीजों को एल-3 लेवल के इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों को रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में भर्ती कर किसी तरह बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए एम्स में 50 बेड का एल-3 अस्पताल खोलने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुमति भी मिल चुकी है। शुरू में एम्स में 50 बेडों की व्यवस्था होगी।
इसमें 10 बेड का आईसीयू होगा। मेडिकल ऑक्सीजन सभी बेडों पर उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा अन्य बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी संक्रमितों को दी जाएगी। इसी सप्ताह मरीजों को भर्ती करने का काम शुरू हो सकता है।
एम्स में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी नहीं
रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में भले ही डॉक्टरों का टोटा है। लेकिन एम्स में स्थापित होने वाले एल-3 अस्पताल में सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी नहीं होगी। यहां सभी गंभीर बीमारियों के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर पहले से ही तैनात हैं। कोविड अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के कोविड के इलाज के साथ ही अन्य गंभीर बीमारियों का आसानी से इलाज हो सकेगा।
एम्स में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं, गैस मैनाफोर्ड सिस्टम अपडेट
कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन की सबसे अधिक जरूरत होती है। पूरे प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। यहां तक राजधानी के एल-3 अस्पताल में भी ऑक्सीजन की समस्या बनी हुई है, लेकिन एम्स के एल-3 अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। यहां मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर और गैस मैनाफोर्ड सिस्टम लगा हुआ है। मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिल जाएगी।
एम्स में 50 बेड का एल-3 अस्पताल संचालित कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से निर्देश मिल गए हैं। निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी के प्रयास से यहां आईसीयू सहित अन्य सुपर स्पेशलिस्ट सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी। प्रयास किया जा रहा है कि इसी सप्ताह से मरीजों को भर्ती कर उन्हें इलाज की सुविधा दी जाए।
समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी