कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट एम्स की ओपीडी के भवन निर्माण में खेल किया गया। कागजों पर भवन को कंप्लीट दिखाया गया है, लेकिन हकीकत में अंदर कबाड़ जैसा नजारा है। वर्तमान में टाइल्स और सीलिंग उखड़कर जमीन पर पडे़ हैं।
भवन के डॉक्टर कक्ष, प्रयोगशाला, प्रसाधन कक्ष, वेटिंगरूम समेत पूरा परिसर गंदगी व कबाड़ से पटा है। भवन में हमेशा ताला बंद होने के कारण निर्माण में किए खेल की किसी को भनक नहीं लग सकी। असलियत तो यह है कि निर्माण इकाई द्वारा ओपीडी भवन को अधूरा छोड़ दिया गया है।
केंद्रीय टीमें कई बार आईं, लेकिन भवन निर्माण में घपले पर किसी की नजर नहीं पड़ी। अब तक इसे दबाए रखा गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना भले ही करा दी गई हो, लेकिन इसका लाभ जिले के लोगों को नहीं मिल पाया है।
दो साल पहले ही एम्स की ओपीडी को कंप्लीट करने और अब इसे जल्द ही शुरू किए जाने का दावा भी किया जा रहा है। मौजूदा समय में ओपीडी में लगाई सीलिंग और टाइल्स तक उखड़ चुकी हैं। ओपीडी के अंदर हो या फिर सब जगह बाहर बदहाली की स्थिति है।
झाड़ झंखार पड़ा, देखकर लगता ही नहीं यह उस एम्स की ओपीडी है, जहां पर रायबरेली नहीं, बल्कि अन्य जिले के लोगों के इलाज की सुविधा होनी है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो देखरेख न होने की वजह से ओपीडी जर्जर होती जा रही है।
सुबह शाम ओपीडी के भवनों का प्रयोग खेल खेलने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल एम्स की ओपीडी को देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके निर्माण में किस तरह अंधेरगर्दी की गई है।
जानकारी के मुताबिक एम्स का फेज एक का कार्य पूरा हो चुका है। इसमें 18 ब्लॉक, नौ हॉस्टल, छह आवासीय ब्लॉक, दो डाइनिंग ब्लॉक, एक निदेशक ब्लॉक बन चुके हैं। इसके अलावा दो सब स्टेशन, दो पंप हाउस का कार्य हो चुका है।
आवासीय सुविधा के तहत 1397 प्रशिक्षणार्थियों के हॉस्टल, 12 कर्मचारियों के आवास निर्मित कराए गए हैं। एम्स में अस्थायी ओपीडी का निर्माण 1790 स्क्वायर मीटर में हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विनय द्विवेदी का कहना है कि सांसद सोनिया गांधी ने दो बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर एम्स की ओपीडी शुरू किए जाने की मांग की है।
पर केंद्र सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। देखरेख के अभाव में एम्स की ओपीडी जर्जर हो रही है। यह सीधे तौर से लापरवाही है। इस बात को सोनिया गांधी तक पहुंचाया जाएगा।
वहीं जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि एम्स की ओपीडी के लिए अस्थायी भवन बना है। काम अभी पूरा नहीं हुआ है।
ओपीडी शुरू होने की सूचना आने के बाद अधूरे काम को पूरा कराया जाना है। ओपीडी का स्थायी भवन दरियापुर में ही बनाया जाएगा। वर्तमान समय में एम्स के आवासीय भवन का निर्माण हो रहा है।