रायबरेली। देश के बड़े अस्पतालों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायबरेली (एम्स) भी शामिल हो गया है। बोर्ड ऑफ क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने एम्स को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की मान्यता दे दी है। मान्यता पाने वाला यह देश का चौथा एम्स है। इसके बाद एम्स में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होने के साथ विद्यार्थियों को रिसर्च में मदद मिलेगी। आयुष्मान भारत योजना में 10 प्रतिशत ज्यादा भुगतान मिल सकेगा।
एनएबीएच एक गुणवत्ता प्रमाणपत्र है, जो अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता और अच्छे के मानकों का पालन करने में मदद करता है। मान्यता प्रक्रिया में प्रयोगशाला की क्षमता का मूल्यांकन, अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन और गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली शामिल है। यह मान्यता लेने के लिए एम्स ने आवेदन किया था। बीती 28 जुलाई को बोर्ड ऑफ क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से डॉ. रेशम राजपूत और चिदंबर वीएन की टीम ने एम्स पहुंचकर मानकों की जांच की थी।
एम्स में दो दिन रुककर टीम ने सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं और बंदोबस्त के मानकों को जांचा था। लैब, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर में एनएबीएच के मानकों को खंगाला था। ओपीडी एरिया में पहुंचकर अन्य व्यवस्था और सफाई व्यवस्था की बानगी ली थी। टीम से हरी झंडी मिलने के बाद बोर्ड ने रायबरेली एम्स को एनएबीएच की मान्यता दे दी है। अब तक दिल्ली, नागपुर, भोपाल के एम्स को यह मान्यता मिली थी।एम्स के अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि मान्यता मिलने के बाद देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में एम्स भी शामिल हो गया है।
एनएबीएच के लिए ये सुविधाएं जरूरी
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से एनएबीएच अस्पतालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मान्यता प्रदान करता है। हेल्थ इंडस्ट्री में गुणवत्ता के लिए उच्च मापदंड तैयार करने और आम लोगों को इसका फायदा पहुंचाना ही बोर्ड का उद्देश्य है।
नियमों में अस्पताल के साधन, संसाधन, रोगियों का उपचार, उनकी सुरक्षा की सुविधाएं, संक्रमण मुक्त वातावरण, उपचार के लिए निर्धारित प्रक्रियाएं, अस्पताल में सेवारत चिकित्सकों, नर्सिंग व अन्य स्टॉफ की पात्रता एवं दक्षता, अस्पताल की आधारभूत सुविधाओं की वैधानिकता आदि तथ्यों एवं तत्वों को गहराई से जांचा-परखा जाता है। निर्धारित मानदंडों को पूरा करने व मरीजों की सुरक्षा उपचार मुहैया कराने की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही एनएबीएच की मान्यता दी जाती है।