रायबरेली। महराजगंज तहसील क्षेत्र के गांवों में अब 22 प्रतिशत तक कृषक भूमि की कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। डीएम व एडीएम से प्रस्ताव पास होने के बाद उप निबंधन कार्यालय महराजगंज में आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद जल्द ही नया सर्किल मूल्य लागू किया जाएगा।
महराजगंज तहसील क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में इस बार सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी है। महराजगंज के ग्रामीण क्षेत्र में अकृषक दरों में 20 प्रतिशत और कृषक दरों में 22 प्रतिशत तक सर्किल रेट में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। प्रमुख सचिव के स्तर से मिले निर्देशों के आधार पर गांवों में कृषक और अकृषक भूमि की कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव है। खासकर पड़ोसी जिलों की सीमा से जुड़े तहसील क्षेत्र के गांवों के सर्किल रेट को बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी और अमेठी जिले से जुड़े महराजगंज तहसील के 42 गांवों में सर्किल रेट कम थे। अब इसे बराबर करने का प्रयास किया गया है। प्रस्ताव को लेकर आपत्ति व सुझाव मांगे गए हैं। सात दिन में आपत्तियां दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका निस्तारण होने के बाद नया सर्किल रेट लागू होगा।
लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और अमेठी जिले से जुड़े 42 गांवों में बढ़ेगा सर्किल रेट
लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव और अमेठी जिले से जुड़े महराजगंज तहसील क्षेत्र के 42 गांवों में सर्किल रेट बढ़ाए गए हैं। लखनऊ जिले से जुड़े गांवों चुरुवा, दोस्तपुर, अमावां, विनायकपुर, तमनपुर, मवइया, रामपुर में सात से 12 प्रतिशत रेट बढ़ेंगे। उन्नाव जिले से जुड़े कुर्री, नीवां, मदाखेड़ा, मैनहार, कटरा, सैदरपुर बेहटा, पस्तौर, रामपुर सुदौली, उदरहरा गांवों में आठ से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। बाराबंकी जिले से जुड़े बहुदाकला, बहुदाखुर्द, देहली, सूरजपुर, कुंभी, मूसापुर, दहिगवां, गुमावां, नरेथुवा और अमेठी जिले से जुड़े अछई, शाहपुर, कतकौली, बारीगोहन्ना, राजापुर सीवन, मोहम्मदाबाद कोटवा, कड़रिया, कैड़ावा, सिरसा, जमोलिया, उदेहीबाद, फरोसा, मूंगताल, टीसाखानपुर, दौतरा, सिकंदरपुर में अकृषक में 18 से 20 प्रतिशत और कृषक दरों में 10 से 15 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव है।
महराजगंज तहसील क्षेत्र में नए सर्किल रेट का प्रस्ताव तैयार किया गया है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद कृषक और अकृषक दरों की नई कीमतें लागू की जाएंगी। जल्द ही नया सर्किल रेट काम करेगा।
- अमृता सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व रायबरेली