हलोर। शिवगढ़ क्षेत्र में कृषि योग्य जमीन दिलाने के नाम पर 38 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो प्रॉपर्टी डीलरों समेत नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने तालाब की संरक्षित भूमि को कृषि योग्य बताकर उसका इकरारनामा करा दिया। रकम वापस मांगने पर धमकी दी।
लखनऊ जिले के मोहनलालगंज निवासी रामकुमार के मुताबिक, उन्होंने कृषि योग्य जमीन खरीदने के लिए प्रॉपर्टी डीलर सुशील कुमार सोनी और प्रविश द्विवेदी से संपर्क किया था। आरोप है कि दोनों ने सुरक्षित और विवाद रहित जमीन दिलाने का भरोसा देकर शिवगढ़ क्षेत्र के असहन जगतपुर में एक भूमि दिखाई।
इसके बाद असहन जगतपुर निवासी छंगालाल, रोशनलाल, रामप्रकाश, कलावती, सुखमीलाल और प्रमोद कुमार तथा मोहनलालगंज निवासी मुलहे के साथ मिलकर 27 मार्च से 29 मई के बीच आरटीजीएस, चेक और नकद के माध्यम से 38 लाख रुपये ले लिए गए। आरोप है कि 13 मई को महराजगंज में करीब सात बीघा जमीन का इकरारनामा भी कराया गया।
रामकुमार के मुताबिक, इकरारनामे के करीब एक महीने बाद जब वह खेत की जुताई कराने पहुंचे तो आसपास के किसानों ने बताया कि संबंधित जमीन तालाब श्रेणी की संरक्षित भूमि है। इसके बाद उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल से जानकारी ली और राजस्व अभिलेखों की जांच कराई। जांच में जमीन तालाब की होने की पुष्टि हुई।
रामकुमार ने आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर प्रॉपर्टी डीलरों ने रुपये लौटाने से इन्कार कर दिया। सीओ महराजगंज प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। महराजगंज कोतवाली प्रभारी को प्रकरण की जांच सौंपी गई है।