रायबरेली। कोरोना से जंग के बीच लोगों को तीन दिन के लिए ई-पास जारी किए जाने में फर्जीवाड़े का मामला पकड़ में आने और अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अब एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के स्टेनो, अर्दली समेत चार कर्मचारियों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) आरके शुक्ला को स्टेनों का चार्ज दिया गया है। प्रशासन ने मामले की जांच भी शुरू करा दी है।
लॉकडाउन शुरू होते ही सिटी मजिस्ट्रेट को पास जारी करने का काम दिया गया था। बाद में शासन ने ई-पास ऑनलाइन आवेदन होने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) द्वारा जारी किए जाने की व्यवस्था कर दी गई। आरोप है कि फर्जी पास बनवाकर आदेशों की अवहेलना करते हुए पास का दुरुपयोग किया गया। डीएम को पास के नाम पर वसूली की शिकायतें मिलने के बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने पड़ताल की।
इसमें फर्जी पास पकड़ में आने के बाद सदर कोतवाली में गत दिवस अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर के बाद एडीएम के स्टेनों आरबी सिंह के अलावा अर्दली समेत चार लोगों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। साथ ही सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) आरके शुक्ला को स्टेनों की जिम्मेदारी दी गई है। अब तक जारी किए गए ई-पास की जांच भी शुरू हो गई है।
फर्जी ई-पास पकड़ में आने के बाद अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। स्टेनों समेत चार लोगों को छुट्टी दी गई है। नए स्टेनों से काम लिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदनों में मानक पूरे होने के बाद ही पास जारी किए जा रहे हैं।- प्रेम प्रकाश उपाध्याय, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)