रायबरेली। प्रदेश के राज्यमंत्री खाद्य एवं रसद नागरिक आपूर्ति रणवेंद्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह) ने शुक्रवार को कहा कि अधिकारी धान खरीद केंद्रों पर नजर रखें। तौल कराने वाले किसानों के मोबाइल नंबरों पर भी बात करें। किसी भी दशा में फर्जी किसानों से खरीद नहीं होनी चाहिए। धान खरीद में फर्जीवाड़ा करने वालों को पकड़कर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि राइस मिलों पर दो रजिस्टर बनवाए जाएं। एक स्टॉक रजिस्टर रहेगा, जिसमें केंद्रवार धान की प्राप्ति का विवरण अंकित कराएं। दूसरे रजिस्टर में केंद्र का नाम, वाहन संख्या, ड्राइवर का नाम, मोबाइल नंबर, चालान नंबर, धान की बोरी की संख्या आदि की इंट्री की जाए। इसमें कतई लापरवाही न बरती जाए।
राज्यमंत्री ने सबसे पहले पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस में अधिकारियों के साथ बैठक करके योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रॉक्सी से वितरण पर निगरानी रखी जाए। गरीबों को बायोमीट्रिक के माध्यम से अंगूठा लगाने के बाद ही राशन दिया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने समीक्षा में पाया कि जिले में संचालित 70 धान खरीद केंद्रों को 1.20 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3636 किसानों से 22.46 हजार मीटिक टन की खरीद हो चुकी है। उन्होंने समय से लक्ष्य को पूरा कराने के आदेश दिए। कहा कि किसानों को केंद्रों पर असुविधा नहीं होनी चाहिए। किसानों का समय पर भुगतान किया जाए।
अधिकारी निरंतर केंद्रों का निरीक्षण करते रहें। केंद्रों पर उपलब्ध उपकरण तौल मशीन, नमी मापकयंत्र आदि की भी जांच की जाए। क्रय पंजिका पर किसानों के सही दूरभाष नंबर अंकित किए जाएं। राज्य मंत्री ने डलमऊ क्षेत्र के घुरवारा स्थित नव दुर्गे राइस मिल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय राइस मिल मालिक उपस्थित रहे।
राज्यमंत्री ने मिलों पर दो-दो रजिस्टरों की व्यवस्था कराने के आदेश दिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी सौरभ यादव को दिए। उन्होंने कहा कि यह काम एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाए। इस मौके पर डीएसओ केएन सिंह, जिला प्रबंधक आवश्यक वस्तु निगम मो. तस्लीम खान, जिला प्रबंधक पीसीएफ उमेश यादव आदि मौजूद रहे।