रायबरेली। हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों के प्रधानों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। डीएम ने खीरों, सतांव और हरचंदपुर ब्लॉकों की पांचों पंचायतों में तकनीकी जांच के लिए दो-दो अधिकारियों की टीम गठित की है। टीम को तत्काल जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
बिना बैठक किए कार्य पास कराकर काम शुरू कराने, स्कूलों में बाउंड्रीवाल, सड़क, हैंडपंप मरम्मत आदि कार्यों में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। एक साथ पांच प्रधानों के खिलाफ जांच के आदेश के बाद हड़कंप मच गया है।
खीरों ब्लॉक के मेड़ौली निवासी अरविंद कुमार सिंह ने डीएम को शिकायतीपत्र देकर बिना बैठक कराए ही मनमाने तरीके से काम कराने का आरोप लगाया। विकास कार्यों के नाम पर धन का गबन का भी आरोप जड़ा।
शिकायत मिलने पर डीएम ने लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता और जिला खाद्य विपणन अधिकारी की टीम जांच के लिए गठित की है।
सतांव ब्लॉक के बरदर निवासी संजय द्विवेदी की शिकायत पर सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता व जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी की जांच टीम बनाई गई है। आरोप है कि बिना बैठक के मनमाने तरीके से काम पास करके सरकारी धन की दुरुपयोग किया गया है।
खीरों ब्लॉक के बरौंडी निवासी प्रमोद कुमार शर्मा की शिकायत पर डीएम ने जल निगम के अधिशासी अभियंता व सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता की टीम गठित की है।
आरोप है कि बिना बैठक कराए ही काम कराकर अधिक धन खर्च किया गया है। खीरों ब्लॉक के सेवनपुर गांव के रहने वाले दिलीप कुमार गुप्ता की शिकायत पर उप कृषि निदेशक प्रसार व नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता को जांच टीम में शामिल किया गया है। आरोप है कि कार्यों के सापेक्ष अधिक धन खर्च किया गया।
बिना बैठक के काम कराए गए। हरचंदपुर ब्लॉक के अजमतउल्लागंज निवासी मुकेश सिंह की शिकायत पर ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता और जिला कार्यक्रम अधिकारी की टीम बनाई गई।
यहां प्रधान पर स्कूल में बाउंड्रीवाल, मिट्टी भराई, पेड़ों की कटान, हैंडपंप मरम्मत आदि कार्यों में शासकीय धन की दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। एक ही विधानसभा क्षेत्र की पांच पंचायतों के प्रधानों के खिलाफ जांच के आदेश के बाद हड़कंप मच गया है। डीएम ने जांच टीमों को समय से जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
पोरई प्रधान के सीज हो सकते हैं अधिकार, होगी वसूली
सतांव ब्लॉक की ग्राम पंचायत पोरई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की जांच में गड़बड़झाला सामने आ गया है। प्रधान बिटान देवी को कारण बताओ नोटिस देने के साथ ही वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच में पाया गया कि पंचम राज्य वित्त से डिहवा में रामेश्वर पासी के दरवाजे से हंसराज के घर तक खड़ंजा निर्माण में 5165 रुपये की गड़बड़ी की गई। सहजराम की दुकान से नागेश के घर तक खड़ंजा निर्माण में 576 रुपये और मनरेगा से जूनियर हाईस्कूल में बाउंड्रीवाल 5960 रुपये की गड़बड़ी। जूनियर हाईस्कूल में बाउंड्रीवाल में 5960 की गड़बड़ी प्रधान सचिव, तकनीकी सहायक दोषी को भी दोषी पाया गया है। सभी को नोटिस दिया है। जल्द ही कार्रवाई होगी।
शिकायतें मिलने के बाद डीएम ने सतांव, खीरों और हरचंदपुर ब्लॉक के पांच प्रधानों के खिलाफ जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। पोरई प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट आने के बाद प्रधान को कारण बताओ नोटिस दी गई है।
उमाशंकर मिश्रा, जिला पंचायतराज अधिकारी