रायबरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सलोन ब्लॉक की ग्राम पंचायत सूची में शौचालयों के निर्माण में सचिवों ने जमकर मनमानी की। जांच में 8.70 लाख रुपये का खेल पकड़ में आने के बाद वसूली की चेतावनी दी है।
सीधे लाभार्थियों के खाते में जाने वाली शौचालय निर्माण की किस्त को सचिव ने अपनी चहेती फर्म के खाते में भेजवाकर बंदरबांट किया। इसी कारण शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया। मामले में सचिवों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई है।
सलोन की ग्राम पंचायत सूची में 2018 से लेकर 2021 तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में जमकर मनमानी की गई। ग्राम पंचायत में शौचालयों के निर्माण के साथ ही विकास संबंधी अन्य योजनाओं में भी जमकर मनमानी की गई।
मनमानी कार्यशैली को लेकर पूर्व प्रधान कृष्णादेवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार तक सीज कर दिए गए थे। उपायुक्त मनरेगा जीपी कुशवाहा में रुपये खर्च हो जाने के बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं मिले। कई शौचालय अधूरे मिले।
तत्कालीन सचिवों आलोक रंजन और सुनील भास्कर इसके लिए दोषी पाया। बताते हैं कि एक सचिव ने अपनी चहेती फर्म के खाते में ही लाभार्थियों को मिलने वाली किस्त को डलवाकर डकार लिया।
शौचालय निर्माण में करीब 8.70 लाख रुपये की अनियमितता की पुष्टि जांच में होने के बाद पूर्व प्रधान कृष्णा देवी, तत्कालीन सचिव आलोक रंजन और सुनील भास्कर से वसूली के निर्देश दिए हैं।
हालांकि सचिवों पर अन्य कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि सूची में शौचालयों के निर्माण में गड़बड़ी के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब आने के बाद वसूली के साथ ही अन्य कार्रवाई की जाएगी।