रायबरेली। जिले में खाद की 1124 दुकानों की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव (कृषि) के निर्देश पर टीमें गठित कर दी गईं हैं। टीमों को 25 मार्च तक जांच कर रिपोर्ट देनी है। टीमों को पीओएस मशीन में उपलब्ध खाद के स्टॉक और दुकानों पर उपलब्ध खाद की जांच करनी है। जांच के आदेश के बाद धान की कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
शासन स्तर पर पड़ताल में पीओएस मशीन में उपलब्ध स्टॉक व दुकानों में मौके पर उपलब्ध उर्वरकों के भौतिक स्टॉक में अंतर मिला है। मामले पकड़ में आने के बाद शासन स्तर से सभी जिलों में जांच के आदेश दिए गए हैं। विकास खंडवार नोडल अधिकारी नियुक्त कर जांच के आदेश दिए गए हैं। तहसील सदर में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता आरएस सेंगर को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
तहसील महराजगंज में अरुण कुमार त्रिपाठी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, तहसील लालगंज में अभय राज गुप्ता, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, तहसील डलमऊ में केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी, तहसील ऊंचाहार में रविचंद्र प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी तथा तहसील सलोन में विनय सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी ऊसर सुधार को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर पीओएस मशीन मे प्रदर्शित उर्वरकों के स्टाक एवं बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध भौतिक स्टाक का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा। डीएम के स्तर से अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। आगामी 25 मार्च तक जांच का काम पूरा करना है। उर्वरक बिक्री केंद्रों पर डिजिटल भुगतान के लिए क्यूआर कोड के संबंध में भी पड़ताल करनी है। पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टाक व उपलब्ध भौतिक स्टाक में भिन्नता या किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।