रायबरेली। रामपुर प्रकरण में विवादित लेखपाल पर गाज गिर ही गई। लेखपाल को हटाकर दूसरे स्थान पर भेज दिया गया। इसके अलावा कई अन्य लेखपालों के कार्य क्षेत्र में बदलाव कर दिया गया है। सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर में सरकारी जमीन पर कब्जा करा देने के मामले में रतापुर के हलका लेखपाल रवि कुमार के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी।
मामला तूल पकड़ने पर एसडीएम सदर ने रवि कुमार को रतापुर से हटाकर पोरई गांव भेज दिया। पोरई के अलावा रवि को केलौली व सोइठां गांव के कार्य की भी जिम्मेदारी दे दी गई। हालांकि मामले में नायब तहसीलदार पर भी अंगुली उठ रही है, लेकिन वह अब तक अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हैं। देवानंदपुर के लेखपाल प्रवीण श्रीवास्तव को हटाकर कनौली भेजा गया है।
प्रवीण पर अरसे से मनमाने ढंग से कार्य करने की शिकायतें तहसील पहुंच रही थी। बताते हैं कि धौरहरा में एक जमीन में कब्जा कराने पर उनकी शिकायत हुई थी। इस पर वह भी कार्रवाई के दायरे में आ गए।
राही में तैनात लेखपाल देवेश त्रिपाठी को अहमदपुर नजूल में तैनाती दी गई है। यहां पर तैनात रहे लेखपाल को अभी अन्य स्थान पर तैनाती नहीं दी गई है। लोहड़ा में तैनात लेखपाल शिव प्रकाश त्रिवेदी को ओनई पहाड़पुर, बकवारा के लेखपाल अनिल कुमार श्रीवास्तव को राही के अलावा बकवारा के अतिरिक्त क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविकांत त्रिपाठी को कनौली से देवानंदपुर भेजा गया है।
लोधवामऊ में तैनात लेखपाल निशा भास्कर को पिंडारीकला भेजा गया है। उमेश दीक्षित द्वितीय अपने क्षेत्र के अलावा लोधवामऊ का कार्य भी देखेंगे। अजय पटेल को अकबरपुर कछवाह भेजा गया है। एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित का कहना है कि सभी को अपने क्षेत्रों का कार्य देखने के निर्देश दिए गए हैं।
गोकुलपुर में तालाब की जमीन पर कब्जा
सदर तहसील क्षेत्र में तैनात लेखपालों की सेटिंग-गेटिंग से सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। बताया जा रहा है कि गोकुलपुर गांव में तालाब की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। कहा जा रहा है कि तालाब की जमीन का बैनामा तक करा लिया गया है। त्रिपुला चौराहा के पास पराग डेयरी की जमीन पर भूमाफिया की नजर है। कुछ जमीन पर कब्जा भी कर लिया गया है।
पहुंच के कारण भूमाफिया पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उफरामऊ में भी मनमाने ढंग से सरकारी जमीन पर प्लाटिंग करा दी गई। एसडीएम सदर के तहसील में ज्वाइन करने के बाद से कुछ मामलों में कार्रवाई तो हुई है, लेकिन भूमाफियाओं और लेखपालों का गठजोड़ अब तक पूरी तरह से टूट नहीं पाया है। हालांकि एसडीएम का कहना है कि जो भी मामले सामने आते हैं, उनकी जांच कराकर प्रकरण में सख्त कार्रवाई कराई जाती है।