रायबरेली। सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र, हरीपुर दौलतपुर में मासूमों में वितरित होने वाले ड्राई राशन के नाम पर 10-10 रुपये की वसूली के मामले की पुष्टि होने के बाद सुपरवाइजर का वेतन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय रोक दिया गया है। सीडीपीओ ऊंचाहार और सलोन के नेतृत्व में जांच टीम भी गठित कर दी गई है। यह टीम तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
मंगलवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद त्रिपाठी को शिकायत मिली कि सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के हरीपुर दौलतपुर आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को ड्राई राशन वितरण के नाम पर वसूली हो रही है।
शिकायत पर जांच कराई गई और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलदुलारी ने स्वीकार भी किया कि फीडिंग के लिए 10-10 रुपये लिए जा रहे हैं। मामला पकड़ में आने के बाद डीपीओ ने सुपरवाइजर सुशीला देवी का वेतन रोकते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता फूलदुलारी का मानदेय रोक दिया।
मामले की जांच के लिए सीडीपीओ ऊंचाहार सत्यजीत सिंह व सीडीपीओ सलोन संजय सिंह की टीम गठित कर दी है। डीपीओ शरद त्रिपाठी ने बताया कि वेतन रोकने के साथ ही दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ अन्य कार्रवाई की जाएगी।