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शहर में बन रहे 28 भवनों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी, जांच के लिए एसडीएम ने तलब की फाइलें

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रायबरेली। शहर में निर्माणाधीन 28 भवनों की जांच एसडीएम सदर अंशिका दीक्षित ने कराई। जांच में भवनों के वैध न होने की आशंका पर आरडीए के सचिव से संबंधित भवनों की पत्रावलियां तलब की है। आरडीए से भवनों के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में जवाब भी मांगा गया है।
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डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर ने टीमें भेजकर शहर के घंटाघर, बुक मार्केट, कानपुर रोड, मधुबन रोड, कचहरी रोड, सत्यनगर सहित अन्य क्षेत्रों में 28 निर्माणाधीन भवनों की जांच कराई। जांच के दौरान भवनों के मालिक भवनों के वैध होने के संबंध में जवाब नहीं दे पाए। मामले में एसडीएम ने आरडीए के सचिव से संबंधित भवनों की पत्रावलियों के साथ ही अब तक की गई कार्रवाई के संबंध में जवाब मांगा है। प्रशासन के गंभीर होने के बाद आरडीए के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
18 भवनों में एडवांस धन जमा, आरडीए ने वैध नहीं किया
एसडीएम ने जिन भवनों की जांच कराई है। उसमें करीब 18 भवनों के मालिकों ने निर्माण को वैध कराने के लिए एडवांस धनराशि भी आरडीए में जमा कर दी है, लेकिन अब तक भवनों को वैध नहीं किया गया है।
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कचहरी रोड पर संजीव जायसवाल ने 50 लाख, कोतवाली के सामने राजेश शर्मा ने 1.25 लाख, निषभ शर्मा ने एक लाख, सत्य नगर में सुमित गुप्ता ने एक लाख, मिंटू सरदारन ने एक लाख, सरोज कुमार ने 20 हजार सहित अन्य भवनों के मालिको ने एडवांस धनराशि जमा की है, लेकिन अब तक आरडीए ने भवनों को वैध नहीं किया है। एक भवन का हालांकि मैप पहले से ही पास है।
एसडीएम सदर ने 28 भवनों के निर्माण के संबंध में पत्रावली मांगी है। सभी भवनों का चालान पहले ही किया जा चुका है। इसमें 18 भवनों में कंपाउंडिंग के लिए धनराशि और फाइल जमा है। हाईकोर्ट से कंपाउंडिंग पर रोक लगने के कारण भवनों को वैध करने का काम नहीं हो पा रहा है। एसडीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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बीपी मौर्या, सचिव, आरडीए
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