रायबरेली। महिला उत्पीड़न से संबंधित घटनाओं में आरोपियों को बचाने का प्रयास करने वाले खीरों थानेदार आदर्श कुमार सिंह हटा दिए गए हैं।
किशोरी से दुष्कर्म किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की। इससे गुस्साए लोगों ने रोड जाम कर दिया था। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।
खीरों थाना क्षेत्र में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया था। पीड़ित परिवार दो दिन के लिए थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन थानेदार ने उसकी व्यथा तक नहीं सुनी।
पीड़ित परिवार का आरोप था कि थानेदार ने आरोपी पक्ष से दो लाख रुपये ले लिया और कार्रवाई नहीं की। इससे गुस्साए लोगों ने थानेदार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रोड जाम कर दिया था। इस मामले में पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी।
अपर पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद भी रिटायर्ड सीआरपीएफ की बहू-पोती से छींटाकशी करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की। उल्टा आरोपियों को बचाने का प्रयास करते रहे।
क्षेत्र के गौरनखेड़ा मजरे सकतपुर गांव की रहने वाली महिला के साथ भी छेड़खानी की गई। पीड़िता ने थाने में तहरीर दी, लेकिन थानेदार ने प्रकरण में कार्रवाई नहीं की।
थानेदार की महिला उत्पीड़न संबंधित घटनाओं में कार्रवाई न किए जाने से पुलिस अधीक्षक खफा थे। गुरुवार को किशोरी के साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले में लोगों ने रोड जाम कर दिया तो यह मामला और तूल पकड़ने लगा। इस पर एसपी ने विवादित थानेदार को हटा दिया।
एसपी ने बताया कि किशोरी से दुष्कर्म किए जाने के मामले में लापरवाही बरतने पर खीरों थानेदार को हटाकर अपराध शाखा में तैनात किया गया है।