रायबरेली। अधिवक्ताओं पर जानलेवा हमले से खफा साथियों ने सोमवार को दीवानी कचहरी में नारेबाजी की। रिमांड पर लाए गए आरोपी दीपेंद्र को पीटकर घायल कर दिया। बताते हैं कि विरोध करने पर पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की गई। इससे कचहरी परिसर में अफरातफरी मच गई।
वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के प्रयास से किसी तरह उसकी जान बची। दीपेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। सीओ और सदर कोतवाली प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। जगतपुर के पूरे बल्लू मजरे कुसुमी गांव निवासी गौरव नारायण पांडेय का आरोप है कि जमीन पर गेट लगाने के विवाद में शनिवार को विपक्षियों ने लाठी-डंडे व सरिया से हमला कर दिया था।
इसमें गिरीश मिश्रा, अधिवक्ता अजय नारायण पांडेय, सुरेश चंद्र पांडेय के अलावा उमेश चंद्र पांडेय, अभय पांडेय घायल हो गए थे। पीड़ित पक्ष ने फायरिंग करने का आरोप लगाया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही रहने वाले सत्यम तिवारी, सुरेंद्र कुमार तिवारी, हिमांशु तिवारी, दीपेंद्र कुमार तिवारी, अनुज कुमार तिवारी उर्फ गोलू, मनजीत मौर्या, शुभम कुमार, विक्रम मौर्या, राजेंद्र पाल, हिमांशु सोनी और चार व्यक्ति नाम पता अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
सोमवार सुबह पुलिस आरोपी सत्यम तिवारी, सुरेंद्र कुमार तिवारी, दीपेंद्र कुमार तिवारी, अनुज कुमार तिवारी उर्फ गोलू को पकड़कर रिमांड पर दीवानी कचहरी लेकर आई थी। आरोपी दीपेंद्र कुमार पर अधिवक्ता टूट पड़े। उसकी जमकर धुनाई की। इससे दीपेंद्र को चोटें आईं हैं। अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। पुलिसकर्मियों ने दीपेंद्र को छुड़ाकर किसी तरह उसकी जान बचाई और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार, सदर कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह ने कचहरी पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया।
सीओ ने बताया कि आरोपी के साथ धक्कामुक्की गई थी। सभी को समझाकर शांत करा दिया गया है। तहरीर नहीं मिली है। उधर, जगतपुर थाना प्रभारी पंकज कुमार त्यागी न बताया कि तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज गया। इलाज के बाद आरोपी दीपेंद्र कुमार को मंगलवार को जेल भेजा जाएगा।