बलरामपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) सुमित प्रेमी की अदालत ने 22 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी रामसजन को जमानत दे दी। आरोपी पर कोतवाली देहात में वर्ष 2002 में चोरी और चोरी का माल रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2003 में उसे जमानत मिल गई थी, लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी हुआ। वारंट के आधार पर 17 अगस्त 2026 को उसे जेल भेजा गया था। अदालत ने पूर्व में जमानत पर रहने और नया आपराधिक इतिहास प्रस्तुत न किए जाने को आधार मानते हुए 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र व दो जमानतदारों पर रिहाई का आदेश दिया।
नाबालिग को भगाने के आरोपी को मिली जमानत
बलरामपुर। सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी की अदालत ने नाबालिग को भगाने के आरोपी इमरान उर्फ सोनू को जमानत दे दी। आरोपी के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा अपराध संख्या 158/2026 के तहत बीएनएस की धारा 87 और 352 में केस दर्ज है। अभियोजन के अनुसार नाबालिग के परिजनों ने आरोप लगाया था कि आरोपी उसे शादी के इरादे से बहला-फुसलाकर ले गया। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी को साजिशन फंसाया गया है और उसके खिलाफ पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने विवेचना पूरी होने पर आरोपी के 27 जुलाई से जेल में निरुद्ध होने समेत अन्य परिस्थितियों को देखते हुए दो जमानतों पर रिहाई का आदेश दिया।
सिविल निगरानी को कोर्ट ने किया स्वीकार
बलरामपुर। जिला न्यायाधीश की अदालत ने सिविल निगरानी दाखिल करने में हुई देरी को माफ करते हुए निगरानी याचिका स्वीकार कर ली। तरुण कुमार शुक्ला आदि की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि आदेश की प्रति प्राप्त करने और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण निगरानी दाखिल करने में देरी हुई। विपक्षी ने दलील दी कि निर्धारित अवधि बीत चुकी है और देरी का उचित कारण नहीं बताया गया। जिला न्यायाधीश ने एक हजार रुपये हर्जाने के साथ देरी माफ करते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार किया। सिविल निगरानी की अगली सुनवाई के लिए नौ सितंबर 2026 की तारीख तय की गई है।
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जातिगत गाली और मारपीट के मामले में परिवाद दर्ज
बलरामपुर। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अधिवेश कुमार की अदालत ने जगन्नाथ की ओर से धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत दिए गए प्रार्थनापत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। जगन्नाथ ने आरोप लगाया कि 15 जून को बबूल की टहनी उठाने को लेकर हुए विवाद के बाद राजेश व अन्य लोग लाठी-डंडा, सब्बल और हंसिया लेकर उसके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने जातिगत गालियां देते हुए उसके और पत्नी सीमा के साथ मारपीट की। अदालत ने मामले के तथ्यों को देखते हुए प्रार्थनापत्र परिवाद के रूप में पंजीकृत कर अग्रिम कार्रवाई का आदेश दिया। बयान के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की गई है।
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16 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में आरोपी को जमानत
बलरामपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) सुमित प्रेमी की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के 16 साल पुराने मामले में करीब 60 वर्षीय जमील को जमानत दे दी। आरोपी के खिलाफ कोतवाली नगर में वर्ष 2010 में गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी की गैरहाजिरी के चलते उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था और वह काफी समय से जिला कारागार में निरुद्ध था। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने कहा कि आरोपी पहले जमानत पर रह चुका है। 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर रिहाई का आदेश दिया गया।
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बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोपी को जमानत
बलरामपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राहुल सिंह की अदालत ने दो नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोपी मिथुन को जमानत दे दी। ललिया थाने में दर्ज मुकदमे में बीएनएस की धारा 137(2), 87, 64(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत कार्रवाई हुई थी। अभियोजन के अनुसार 12 जुलाई की रात 14 और 13 वर्षीय दो किशोरियां घर से निकल गई थीं। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। रिपोर्ट में दोनों की औसत आयु करीब 17 वर्ष बताई गई। आरोपी 14 जुलाई से जेल में था और उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं मिला। अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी बंधपत्र और दो जमानतदारों पर रिहाई का आदेश दिया।
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नाबालिग को ले जाने के आरोपी को जमानत
बलरामपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय सुमित प्रेमी की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोपी अकबर अली उर्फ छोट्टन को जमानत दे दी। कोतवाली देहात में दर्ज मुकदमे में बीएनएस की धारा 137(2) और 87 के तहत कार्रवाई की गई थी। अभियोजन के अनुसार 17 जून को करीब 18 वर्षीय युवती को शादी का झांसा देकर आरोपी अपने साथ ले गया था। बचाव पक्ष ने कहा कि युवती ने अपने बयानों में आरोपी पर कोई आरोप नहीं लगाया और अपनी उम्र 18 वर्ष बताई है। आरोपी नौ अगस्त से जेल में था। अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर रिहाई का आदेश दिया।
पोक्सो एक्ट के आरोपी को जमानत
बलरामपुर। विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट राहुल सिंह की अदालत ने पोक्सो एक्ट के आरोपी मोहम्मद शेखयाब को नियमित जमानत दे दी। रेहरा बाजार थाने में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3), 333, 74 और पोक्सो एक्ट की धारा 7/8 में मुकदमा दर्ज है। अभियोजन के अनुसार 25 अप्रैल को करीब छह बजे आरोपी ने किशोरी से छेड़छाड़ की और विरोध करने पर मारपीट व धमकी दी। बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया। 25 हजार रुपये के निजी बंधपत्र व दो जमानतदारों पर रिहाई के आदेश दिए।
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महिला समेत दो को मिली अग्रिम जमानत
बलरामपुर। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के मामले में सता पत्नी राम तीरथ और जखू पुत्र बुधई को अग्रिम जमानत दे दी। मामला उतरौला कोतवाली में दर्ज अपराध संख्या 97/2026 से संबंधित है। आरोपियों पर बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 336(2), 338 व 61(2) के तहत केस दर्ज है। अभियोजन के अनुसार आरोपियों ने षड्यंत्र कर जमीन के हिस्से से अधिक का दानपत्र तैयार कराकर पंजीकृत कराया। बचाव पक्ष ने कहा कि मामला भूमि विवाद से जुड़ा है और आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।