रायबरेली। किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पांच साल से फरार चल रहे 50 हजार के ईनामी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम को शनिवार रात उसे पकड़ने में कामयाबी मिली। रायबरेली के भदोखर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी को ममेरे भाइयों ने साल 2019 में बांदा ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया था।
पीडि़ता की तरफ से 10 फरवरी 2021 को भदोखर थाने में बांदा जिले के नरैनी थाना क्षेत्र के देवी नगर बैथेल मिसन के पास अतर्रा रोड निवासी जीतू और बांदा के ही नरैनी इलाके के मवई गांव के रहने वाले उसके मामा के बेटे लाला विश्वकर्मा के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो व एससी एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
मामले में पुलिस ने 20 फरवरी को लाला को पकड़कर जेल भेज दिया था। जीतू फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक रायबरेली ने 11 जनवरी 2023 को जीतू की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का ईनाम रखा था। 12 जनवरी 2026 को लखनऊ रेंज के आईजी ने ईनाम की धनराशि 50 हजार रुपये कर दी।
एसटीएफ के उपनिरीक्षक राहुल परमार के नेतृत्व में टीम जिले में भ्रमणशील थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि फरार आरोपी जीतू अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने रायबरेली आ रहा है। एसटीएफ और भदोखर थाना प्रभारी राकेशचंद्र आनंद ने टीम के साथ रात करीब 11 बजे मुंशीगंज ओवरब्रिज के पास घेराबंदी करके फरार आरोपी जीतू को दबोच लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा गया है।
फोन के जरिये शुरू हुई थी पीड़िता से बातचीत
पूछताछ के दौरान जीतू ने बताया कि उसने अपने दोस्त हेमंत से रुपये लेने के लिए उसको फोन लगाया था, जो दरियापुर रायबरेली में एक लड़की के नंबर पर लग गया। यहीं से पीड़िता के साथ उनकी बातचीत शुरू हुई। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस के डर से उसने लड़की को नरैनी में रिश्तेदारों के यहां छोड़ दिया और गुजरात भाग गया। वर्ष 2021 से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए इधर-उधर छिपता फिर रहा था।