जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।
- फोटो : जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।
रायबरेली। उल्टी-दस्त की चपेट में आने के बाद रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा बुखार, सीने व पेट में दर्द और सांस की समस्या के चपेट में आए 21 से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया। ठंड बढ़ने पर लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
रविवार को उल्टी के साथ ही सांस की समस्या बढ़ने पर महराजगंज निवासी अंकित कुमार (28) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। कुछ देर इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। इमरजेंसी में आए महमूद (20), रेखा (28), संतोष कुमार (44), गौरव (34), सुजीत कुमार (40), धनराजा (70), छोटेलाल (55), रतीपाल (60), फूलमती (45) आदि मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।
ठंड बढ़ने के बाद लाेगों में सीने में जकड़न, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त और सांस लेने में तकलीफ की समस्या बढ़ी है। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी ने का कहना है कि ठंड में एहतियात बरतने की जरूरत है। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। खासकर बुजुर्ग और बच्चों को ठंड से बचे रहना जरूरी है। ठंड से बचाव न करने के कारण सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। समस्या होने पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं।