रायबरेली। एक साल पहले कुत्ते के काटने से शुरू हुआ संक्रमण अब जानलेवा साबित हो गया। रेबीज का संक्रमण बढ़ने के बाद उन्नाव जिले के युवक की हालत बिगड़ गई। शनिवार को उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। हालत नाजुक होने पर उसे लखनऊ रेफर किया गया।चर्चा है कि कुत्ते के काटने के बाद समय से युवक ने एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं लगवाई।
उन्नाव जिले के बारा सरवर थाना क्षेत्र के डिथुआ निवासी शोभनाथ (33) को पिछले साल कुत्ते ने काट लिया था। युवक ने कुत्ते के चपेट में आने के बाद एआरवी की सभी डोज समय से नहीं ली थी। एक साल बीतने के बाद युवक के शरीर में संक्रमण शुरू हो गया। हालत नाजुक होने पर शनिवार को युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया।
हालत नाजुक होने के कारण युवक को केजीएमयू रेफर कर दिया गया। इमरजेंसी मेडिकल आफीसर डॉ. आरएस पटेल ने बताया कि रेबीज संक्रमण का एक मरीज आया था। हालत बेहद खराब होने के बाद उसे रेफर कर दिया गया।
72 घंटे में एआरवी लगवाएं : डॉ. सौरभ
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को रेबीज संक्रमित किसी जानवर ने काट लिया है, तो उसे 72 घंटे के भीतर वैक्सीन की पहली डोज अवश्य ले लेनी चाहिए। इसमें लापरवाही न बरतें। देर करने पर रेबीज के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कुत्ता काटने वाले स्थान को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन या डिटॉल से अच्छे से धोकर साफ जरूर कर लें। यदि किसी को कुत्ता काट ले, तो इसे गंभीरता से लें। समय से एआरवी न लगवाने से कभी भी रेबीज का संक्रमण बढ़ सकता है।
जिला अस्पताल पहुंचे 53 और मरीज
जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। शनिवार को 53 से अधिक लोग चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल में एआरवी लगवाने के लिए पहुंचे। चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा की ओपीडी में सलाह लेने के बाद इंजेक्शन कक्ष में एआरवी लगवाई। एक-एक करके राजेश (21), सीता (24), अनीता (13), साबिया (76), मो. सगीर (14), रानी (38), श्याम सुंदर (37) आदि लोग कुत्तों के हमले में जख्मी होने के बाद एआरवी लगवाने अस्पताल पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को एआरवी लगवाने के लिए इंतजार करना पड़ा।