खीरों। ऐंधी गांव में शुक्रवार को चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। तीन वर्षीय मासूम आदित्य की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसके सात वर्षीय भाई आदर्श ने भागकर अपनी जान बचा ली। आग से बाइक समेत तीन लाख का सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पर आग पर काबू पाया। पुलिस-प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
गांव निवासी रामसुमेर पासवान शुक्रवार सुबह मजदूरी करने गए थे। उनकी पत्नी रेशमा अपनी सास को खाना देने गांंव स्थित घर गई थीं। रामसुमेर परिवार के साथ गांव के बाहर झोपड़ी बनाकर रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह करीब 10 बजे चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई।
देखते ही देखते झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी। कुछ ही देर में लपटें तेज हो गईं। झोपड़ी के अंदर मौजूद रामसुमेर का बड़ा बेटा आदर्श तो भाग निकला, लेकिन छोटा बेटा आदित्य झोपड़ी के अंदर ही रह गया। शोरगुल सुनकर ग्रामीण जब तक आग बुझाते, तब तक आग की चपेट में आकर आदित्य की जलकर मौत हो चुकी थी।
रेशमा ने बताया कि वह अपनी सास राजवती को खाना देने उनके घर चली गई थीं। उसी दौरान झोपड़ी में आग लग गई। आदर्श बाहर निकल गया, लेकिन आदित्य आग की चपेट में आ गया। आग से घर में रखी बाइक, अनाज समेत तीन लाख का सामान जल गया।
तहसीलदार लालगंज शुभम राठौर, राजस्व निरीक्षक रामप्रकाश तिवारी और लेखपाल अजीत गौतम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को जल्द सरकारी मदद दिलाने की बात कही। खीरों थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि आग की चपेट में आने से मासूम की जान गई है।
g थम नहीं रहे अपनों के आंसू : दिल के टुकड़े आदित्य की मौत से मां रेशमा रह-रहकर रो पड़ती हैं। कहती हैं कि उन्हें इस बात का पता नहीं थी कि झोपड़ी में आग लग जाएगी, वरना वह सास को खाना देने नहीं जातीं। रो-रोकर रेशमा बेहोश हो जा रही हैं। पिता रामसुमेर, दादी राजवती और चाचा समेत अन्य परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। मासूम की मौत से ग्रामीण भी गमगीन हैं।