रायबरेली। प्रयागराज से गोरखपुर लौटने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके जाने की घटना का सही जगह पता चल गई है। चौथे दिन गोरखपुर कंट्रोल से आई सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद आरपीएफ को पता चला कि घटनास्थल की वास्तविक जगह नया पुरवा के पास थी। रेलवे पुलिस अब घटनास्थल के आसपास रहने वालों से पूछताछ शुरू कर पत्थर फेंकने वाले अराजक तत्व की पहचान कर गिरफ्तार करने की कवायद में जुटी है।
सोमवार को देर शाम प्रयागराज-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंका गया था, जो सी-6 कोच पर लगा था। घटना दरियापुर से रायबरेली स्टेशन के बीच बताई गई तो राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने तुरंत मधुबन क्रॉसिंग और उसके आसपास रेल लाइन किनारे पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा था। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अगले दिन केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी, लेकिन घटनास्थल का सही पता न होने के कारण जांच में तेजी नहीं दिख रही थी। हालांकि जीआरपी और आरपीएफ दोनों ही अपने स्तर पर लगातार छानबीन में लगी रहीं।
सीसीटीवी फुटेज आने के बाद अब मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ी है। सीसीटीवी फुटेज से घटनास्थल नया पुरवा के पास होने का पता चला है। शुक्रवार को भी आरपीएफ-जीआरपी ने घटनास्थल और उसके आसपास बसे मोहल्लों में रहने वालों से पूछताछ कर ट्रेन पर पत्थर फेंकने वाले की शिनाख्त का प्रयास किया। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज आने से जांच में तेजी आई है। घटनास्थल की सही जानकारी होने से आरोपी को पकड़ने में काफी मदद मिलेगी।
साइकिल सवार का पता लगाने में जुटी आरपीएफ
रायबरेली। इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आकर इंजन में फंसने वाली साइकिल कौन चला रहा था, इसका पता लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीमें लगी हैं। जिस जगह घटना घटी थी, उसके आसपास गांवों में पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी साइकिल सवार का पता नहीं चल सका है। लखनऊ से वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को सुबह रायबरेली स्टेशन से रवाना हुई, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद रूपामऊ स्टेशन से पहले गेट संख्या 143 के पास हादसा हो गया। ट्रैक पर पड़ी साइकिल ट्रेन के इंजन में फंस गई। इससे ट्रेन 10 मिनट तक खड़ी रही। साइकिल निकालने के बाद ट्रेन रवाना की गई थी। आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह का कहना है कि साइकिल सवार के बारे में पता लगाया जा रहा है। (संवाद)