रायबरेली। ऊंचाहार क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रांसमिशन और उपकेंद्र का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इससे करीब एक लाख उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल पाई है। यह हाल तब है, जब निर्माण के लिए भूमि भी उपलब्ध करा दी गई है। इसके बावजूद अब तक कार्य में लेटलतीफी हो रही है। ऐसे में लोगों को लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ट्रांसमिशन और उपकेंद्र के निर्माण में करीब 65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र जगतपुर, ऊंचाहार तहसील, ऊंचाहार टाउन, रसूलपुर, इटौरा बुजुर्ग उपकेंद्रों को अभी तक बिजली अमावां और रग्घूपुर ट्रांसमिशन से मिल रही है। लाइनों की अधिक दूरी होने के कारण आए दिन फॉल्ट के चलते बिजली गुल रहती है। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए ऊंचाहार तहसील में 132 केवीए ट्रांसमिशन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए विद्युत उपकेंद्र इटौरा बुजुर्ग उपकेंद्र की भूमि चिह्नित की गई है। ट्रांसमिशन का निर्माण होने के बाद उपकेंद्रों को आने वाली 33 केवी लाइनों की दूरी कम होगी। इससे काफी हद तक बिजली संकट से राहत मिलेगी।
दूसरी जगह स्थापित होगा इटौरा उपकेंद्र
इटौरा बुजुर्ग उपकेंद्र जहां पर बना है, उसी जगह पर 132 ट्रांसमिशन का निर्माण कराया जाएगा। काफी दिनों तक इटौरा उपकेंद्र के लिए भूमि खोजने में समय बीत गया। तहसील प्रशासन ने छह माह पहले उपकेंद्र निर्माण के लिए दो हेक्टेयर भूमि रामनगर मजरे इटौरा बुजुर्ग में चिह्नित की। बावजूद इसके अब तक न तो उपकेंद्र का निर्माण शुरू हो पाया और न ही ट्रांसमिशन का। ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
टेंडर प्रक्रिया कराई जा रही पूरी
ट्रांसमिशन और उपकेंद्र के निर्माण में करीब 65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी बजट में ट्रांसमिशन के लिए 132 केवी लाइन का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण के लिए टेंडर लखनऊ से निकाला गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
एसके कुशवाहा, उपखंड अधिकारी ट्रांसमिशन